हाथियों को देखते ही लोग घर से निकल कर भागे। इस दौरान हाथियों ने सुनैना(7) पुत्री रामसजीवन को सूंड़ से उठाकर पटक दिया। इसके बाद पैर से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। घर में सो रहे अन्य परिजन अपनी जान बचाकर भाग गए। वहीं हाथियों ने नेमना गांव में सुग्रीव प्रसाद, किशुन देव, अर्जुन प्रसाद, सियाराम, राधाकृष्ण, रामजी और शिवप्रसाद की फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
ग्रामीणों ने बच्ची की मौत की सूचना तत्काल बीजपुर पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पीआरबी और थाने की पुलिस घटना स्थल पर पहुंच कर बच्ची को धन्वंतरी चिकित्साल्य बीजपुर ले गई, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी भेज दिया। वन क्षेत्राधिकारी मोहम्मद जहीर मिर्जा ने बताया कि रातभर वन विभाग की टीम हाथियों की निगरानी में लगी हुई है। रात होने और घना जंगल होने की वजह से हाथियों ने घटना को अंजाम दे दिया। हाथियों को छत्तीसगढ़ के जंगल में खदेड़ा गया है।