सड़क पर साइकिल से और पैदल चलते-चलते लोग गिर जा रहे हैं। तेज धूप में काम करते करते चक्कर आ रहा है और बेहोश हो जा रहे हैं। इमरजेंसी पहुंचने वालों में इस तरह की समस्या वाले कई मरीज गेट तक पहुंचते ही दम तोड़ दे रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी सहित अन्य जगहों पर कुल 18 लोगों की मौत हो गई। इसमें करीब 6 लोग ऐसे थे, जिनके अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मंगलवार को मंडलीय अस्पताल की मॉर्च्यूरी में 10 शव पड़े रहे तो शिवपुर पोस्टमार्टम हाउस में शव रखने के लिए कमरे में जगह नहीं थी। यहां छह शव बाहर ही जमीन पर पड़े रहे। शहर से लेकर गांव तक कहीं ट्रक चालक बेहोश मिल रहे हैं तो कहीं साइकिल सवार गिर जा रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में 6, मंडलीय अस्पताल में 10 और सेवापुरी-सारनाथ में 1-1 लोगों की मौत हुई है।
मंडलीय अस्पताल की मॉर्च्यूरी में मंगलवार को चार डीप फ्रीजर के भरने के बाद शवों को स्ट्रेचर पर बाहर रखा गया। इस कारण दुर्गंध भी आ रही थी। ओपीडी में आने वाले मरीज मुंह को रूमाल से ढककर जाते दिखे। एसआईसी डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि नियमानुसार शवों को शिवपुर पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया जा रहा है। इमरजेंसी में तीन लोग बेहोशी हालात में आए। यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके अलावा 7 मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गई।
मंडलीय अस्पताल में बच्चों की जांच करते हुए।
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जिला अस्पताल में छह मरीजों की मौत हुई, इसमें तीन महिलाएं शामिल हैं। इसमें गाजीपुर अख्तियार निवासी प्रभावती देवी (84), कैंट के टकटकपुर निवासी शंकरलाल (70), सारनाथ के दीनापुर निवासी हेमावती देवी (65), चौबेेपुर की पियरी बीकापुर की रहने वाली गीता देवी (60), आजमगढ़ के जहानागंज निवासी बृजेश वर्मा (25) और बसही नवलपुर चौराहा निवासी विश्राम पाल (80) की इमरजेंसी में मौत हो गई।
सेवापुरी संवाद प्रतिनिधि के अनुसार कपसेठी थाना क्षेत्र के बेलवा गांव में निवासी प्रमोद विश्वकर्मा की मंगलवार दोपहर मौत हो गई। परिवार के लोगों ने वगैर पुलिस को सूचना दिए दाहसंस्कार कर दिया।