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Ganga Aarti in Varanasi: 35 साल में पांचवीं बार ग्रहण के कारण दिन में हुई गंगा आरती, भक्तों की उमड़ी भीड़

Sun, 07 Sep 2025 12:51 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

चंद्रग्रहण का सूतक काल आज 12:57 बजे से शुरू हो जाएगा। ग्रहण का प्रारंभ रात्रि में नौ बजकर 57 मिनट पर होगा। वहीं 3.30 घंटे तक प्रारंभ से अंत तक चंद्रग्रहण दृश्यमान रहेगा। 
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दशाश्वमेध घाट की छत पर गंगा आरती। - फोटो : अमर उजाला
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Varanasi News: चंद्रग्रहण के सूतक के कारण दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की आरती दिन में हुई। ग्रहण के नौ घंटे पहले सूतक लगने के कारण दोपहर 12 बजे ही गंगा आरती शुरू हो गई और सूतक से पहले इसे पूर्ण कर लिया गया। 35 वर्षों में यह पांचवां मौका था जब ग्रहण के कारण गंगा आरती दिन में कराई गई।

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रविवार को प्राचीन दशाश्वमेध घाट पर गंगोत्री सेवा समिति की ओर से होने वाली विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की आरती इस बार चंद्रग्रहण के कारण विशेष रूप से दिन में संपन्न की गई। चंद्रग्रहण के सूतक काल शुरू होने से पहले ही यह आरती संपन्न कराई गई। समिति के अनुसार, आरती का आयोजन दोपहर 12 बजे आरंभ हुआ और ग्रहण से पहले इसे पूर्ण कर लिया गया।

गंगोत्री सेवा समिति के अध्यक्ष पं. किशोरी रमण दुबे ने बताया कि 35 वर्षों में यह पांचवीं बार है जब मां गंगा की आरती दिन में कराई गई। इससे पहले 28 अक्टूबर 2023, 16 जुलाई 2019, 27 जुलाई 2018 और 7 अगस्त 2017 को ग्रहण के कारण आरती का समय बदला गया था।
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फिलहाल गंगा के बढ़े जलस्तर की वजह से आरती का आयोजन घाट की छत पर किया जा रहा है। गंगा आरती के दौरान समिति के सचिव दिनेश शंकर दुबे, संदीप कुमार दुबे, संकठा प्रसाद, गंगेश्वर धर दुबे, सीताराम पाठक, रविशंकर पुरोहित मौजूद रहे।

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दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की ओर से 34 वर्ष में पांचवीं बार चंद्रग्रहण की वजह से विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की आरती दिन में कराई गई। चंद्रग्रहण के सूतक काल से पूर्व ही दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि द्वारा होने वाली वाली विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की दैनिक आरती दोपहर 12 बजे से प्रारंभ होकर ग्रहण के सूतक काल से पूर्व ही संपन्न हो गई।

गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने बताया कि चंद्रग्रहण के सूतक काल से पूर्व मां गंगा की आरती अपने परंपरागत तरीके से दोपहर 12 बजे से शुरू होकर सूतक काल से पूर्व संपन्न कराई गई। वर्ष 1991 से स्वर्गीय पंडित सतेंद्र मिश्र द्वारा दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की आरती की शुरूआत की गई थी।

यह 34 वर्षों में पांचवीं बार दिन में हुई मां गंगा की आरती संपन्न कराई गई। इस पल के साक्षी श्रद्धालु और पर्यटक भी हुए। गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण इस समय भगवती मां गंगा की आरती छत पर कराई जा रही है।

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