दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की ओर से 34 वर्ष में पांचवीं बार चंद्रग्रहण की वजह से विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की आरती दिन में कराई गई। चंद्रग्रहण के सूतक काल से पूर्व ही दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि द्वारा होने वाली वाली विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की दैनिक आरती दोपहर 12 बजे से प्रारंभ होकर ग्रहण के सूतक काल से पूर्व ही संपन्न हो गई।
गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने बताया कि चंद्रग्रहण के सूतक काल से पूर्व मां गंगा की आरती अपने परंपरागत तरीके से दोपहर 12 बजे से शुरू होकर सूतक काल से पूर्व संपन्न कराई गई। वर्ष 1991 से स्वर्गीय पंडित सतेंद्र मिश्र द्वारा दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की आरती की शुरूआत की गई थी।
यह 34 वर्षों में पांचवीं बार दिन में हुई मां गंगा की आरती संपन्न कराई गई। इस पल के साक्षी श्रद्धालु और पर्यटक भी हुए। गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण इस समय भगवती मां गंगा की आरती छत पर कराई जा रही है।