आईआईटी बीएचयू ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से जारी एनआईआरएफ की रैंकिंग पर जो सवाल उठाए थे, उसका जवाब आज तक नहीं मिल पाया है। रैंकिंग के मानकों पर आईआईटी द्वारा उठाए गए सवाल पर अब तक मंत्रालय ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
संस्थान की ओर से करीब एक माह पहले आपत्ति जताई गई थी। मामले में मंत्रालय और उसकी एजेंसी ने क्या कदम उठाए, ये भी अब तक नहीं पता चल पाया है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से गत तीन अप्रैल को देश भर के शैक्षणिक संस्थानों की रैंकिंग जारी की गई थी, जिसमें ओवरऑल आईआईटी बीएचयू की रैंक 70वीं और इंजीनियरिंग कैटेगरी में 31वीं थी।
19 अप्रैल को आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. राजीव संगल ने ये कहकर इस रैंकिंग पर सवाल उठाया था कि शोध पत्रों के प्रकाशन और पेटेंट का आंकड़ा एनआईआरएफ ने थर्ड पार्टी से लिया है जो कि सही नहीं है। इसके चलते उनकी रैंकिंग गिरी है। उन्होंने मंत्रालय को मेल कर आपत्ति जताई थी।
प्रो. संगल ने बताया कि न तो मंत्रालय की ओर से कोई रिस्पांस आया और ना ही एनआईआरएफ एजेंसी की तरफ से।