नगर निगम और राजस्व विभाग की टीम ने कराई नाप-जोख
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अस्तित्व खोने के कगार पर पहुंच चुकी असि नदी की सोमवार को नगर निगम और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने पैमाइश शुरू करा दी है। सहोदर बीर पुलिया से रवींद्रपुरी पुलिया तक नदी की पैमाइश के दौरान पेटा में बने पांच अवैध मकानों पर लाल निशान लगा दिए गए हैं।
अतिक्रमणकारियों को 24 घंटे में कब्जा हटाने की चेतावनी भी दी गई है। खुद ही शिफ्ट न करने पर इन मकानों पर जेसीबी लगाकर अवैध निर्माण ढहाए जाएंगे। योजना के मुताबिक नदी की सिल्ट सफाई कराने के साथ ही दोनों किनारों पर पाथवे बनाया जाएगा।
बता दें कि राजस्व रिकार्ड में नाले के रूप में दर्ज हो चुकी असि के पुनरुद्धार के लिए अमर उजाला के लंबे अभियान के बाद नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) ने अब इसके पुनर्जीवन की पहल शुरू कर दी है।
असि नदी को बचाने के लिए लंबे समय से स्वयंसेवी संगठनों और नागरिकों की ओर से आंदोलन चलाया जा रहा है। नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के राष्ट्रीय सलाहकार और पूर्व पुलिस महानिदेशक आरएन सिंह के आह्वान पर तीन सप्ताह पूर्व हर रविवार को शुरू हुए श्रमदान के बाद अब नगर निगम भी जाग गया है।
नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही के निर्देश पर जोनल अधिकारी अतुल यादव और राजस्व विभाग के अधिकारियों की 10 सदस्यीय टीम ने सोमवार दोपहर बाद सहोदरबीर पुलिया से संकटमोचन पुलिया के बीच पैमाइश शुरू की।
इस दौरान नदी की तलहटी में भवन बनाने वाले दिलीप सेठ, गरीब सेठ, होरी लाल, जवाहर के अलावा एक और मकान को चिह्नित किया गया। जोनल अधिकारी अतुल यादव ने बताया कि सहोदर बीर पुलिया के पास के इन भवनों पर लाल निशान लगा दिया गया है। उन्हें ढहाया जाएगा।
साथ ही झुग्गी-झोपड़ी वालाें को चेतावनी दी गई है कि वे मंगलवार तक उसे हटा लें।