वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस में लंबे समय से बिना सूचना के गैर हाजिर रहने वाले लंका थाने के एक इंस्पेक्टर सहित 16 पुलिसकर्मियों को पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने शुक्रवार सुबह निलंबित कर दिया। विभागीय जांच भी बैठा दी है। पुलिस कमिश्नर की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। कमिश्नरेट पुलिस में अब तक की बड़ी कार्रवाई है। पुलिस लाइन में आयोजित साप्ताहिक परेड के दौरान ड्यूटी से गायब रहने वालों की सूची मंगाई तो मामला सामने आया।
लंका निरीक्षक प्रदीप कुमार 11 मई से कोरोना संक्रमित होने के बाद वापस नहीं आए। दशाश्वमेध थाने की महिला आरक्षी कुमारी रेशमी साहनी 11 महीने से गायब हैं। वहीं महिला सिपाही राधा राजपूत 20 अक्तूबर से गायब हैं। आदमपुर के मुख्य आरक्षी सुरेंद्र प्रताप सिंह 21 जून से और सिपाही संजय कुमार राय पांच मार्च से, भेलूपुर थाने के मुख्य आरक्षी राजकुमार यादव सात अप्रैल से, सिपाही शुभम राय 17 जून से और विनय कुमार 25 जनवरी से गायब चल रहे हैं।
दशाश्वमेध थाने के मुख्य आरक्षी अजय कुमार राना नौ फरवरी से और जेल सुरक्षा में तैनात शिवशंकर सिंह 15 दिसंबर 2020 से गायब हैं। कैंट के मुख्य आरक्षी रामअवतार राव 20 नवंबर 2020 से और कोतवाली के सिपाही विपिन कुमार 23 अप्रैल से, मंडुवाडीह थाना के चालक सिपाही शेख बहादुर सिंह 12 जून से, यातायात सिपाही विनोद कुमार यादव एक मई से और एलआईयू सिपाही अंगद प्रजापति 18 जून से और ज्ञानवापी सुरक्षा में तैनात सिपाही विपिन कुमार सिंह 21 अप्रैल से गायब हैं। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने कहा कि ड्यूटी से गैरहाजिर 16 पुलिसकर्मियों को निलंबित करते हुए विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। किसी भी पुलिसकर्मी को कोई समस्या है तो अपने उच्च अधिकारियों को अवगत कराएं।
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश के निरीक्षण में सारनाथ थाने में मिली तमाम खामियों पर थाना प्रभारी भूपेश राय को लाइन हाजिर कर दिया गया। शुक्रवार देर शाम सारनाथ थाने का नया प्रभारी नागेश कुमार सिंह को बनाया गया। पुलिस आयुक्त के अनुसार कई बिंदुओं पर थाना प्रभारी की बड़ी लापरवाहियां पाई गईं।