कोरोना काल में परिषदीय विद्यालय के बच्चे स्कूल नहीं आ रहे है। ऐसे में शिक्षकों को बच्चों के घर-घर जाकर नामांकन, प्रेरणा साथी का चयन व अभिभावकों से संपर्क कर उनको ऑनलाइन क्लास के लिए प्रेरित करना है। बीते दो जुलाई को कंपोजिट विद्यालय गोइठहां की दो शिक्षिका गांव में घूमकर ऐसे ही कार्य कर रहीं थी।
उसी रात सहायक अध्यापक सुनीता भारती को गांव में घूमकर ग्रुप बनाने को लेकर धमकी दी गई। फोन कटने के तुरंत बाद अश्लील नाम से व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाया गया और उसका एडमिन शिक्षिका को बनाया गया। कुछ ही देर में उस ग्रुप में 125 को जोड़ दिया गया। दूसरे दिन शिक्षिका ने मामले की सारी जानकारी अपने प्रधानाध्यापक को दी। शिक्षिका की ओर से मामले की शिकायत साइबर सेल में भी की गई है। लेकिन अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं कि गई है।
बता दें कि कोविड 19 महामारी के चलते शिक्षण संस्थान बच्चों के लिए बंद हैं। इसके चलते परिषदीय विद्यालय के अलावा अन्य विद्यालयों के पात्र छात्र-छात्राओं को निशुल्क पाठ्यपुस्तकें और कार्य पुस्तिकाएं नहीं मिली हैं। इससे पढ़ाई लिखाई में समस्या आ रही है।