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स्टेयरिंग फेल होने से मालवाहक वाहन पलटा, चार महिलाओं की मौत, 19 घायल

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डाफी बाईपास स्थित गोकुल ढाबा के समीप बुधवार की सुबह स्टेयरिंग फेल होने से मालवाहक वाहन पलटा (पिकअप) पलट गया। हादसे में चार महिलाओं की मौत हो गई और 19 लोग घायल हो गए। सभी मजदूर बरेली के शाहजहांपुर से बिहार के औरंगाबाद स्थित दाऊनगर अपने घर जा रहे थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। घायलों में दो की हालत गंभीर बनी हुई है।
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बिहार औरंगाबाद के दाऊनगर निवासी नौ परिवार बरेली के शाहजहांपुर स्थित एक ठेकेदार के यहां सड़क निर्माण में काम करते थे। दिवाली और छठ पूजा को देखते हुए सभी घर लौट रहे थे। एक ही पिकअप में 33 लोग सवार थे। इसमें महिलाएं, पुरुष और सात बच्चे भी थेे। वाहन में नीचे मजदूर और ऊपर पटरी लगाकर सामान रखा गया था। डाफी टोल प्लाजा से पहले गोकुल ढाबा के पास वाहन की स्टेयरिंग फेल हो गई। अनियंत्रित वाहन किनारे डिवाइडर से टकराते हुए पलट गया। तेज आवाज के साथ वाहन पलटा तो चीख पुकार मच गई। ढाबा संचालक और उनके कर्मचारियों, राहगीरों ने घायलों को बाहर निकाला। तब तक सूचना पाकर डाफी चौकी पुलिस भी पहुंच गई। घायलों को एंबुलेंस और निजी वाहनों से बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने चार महिलाओं लीलावती (20), रूपा (17), अंशू (21) और कौशिल्या (22) को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायलों में सुदामा पवार (30), किरन देवी (25), ममता (20), पूजा (25), दुलारी देवी (48), राहुल (25), सत्यम (4), सलोनी (5), सुनीता (33), अनिता (25), दीपा (2), सावित्री (15), रवि (3), विनोद प्रसाद (30), गोलू (4), छोटी (3), संतोष (18), कल्लू प्रसाद (30), रीता (35) ,दूबलाल (25) शामिल हैं। वाहन का रजिस्ट्रेशन शाहजहांपुर निवासी विपिन कुमार के नाम से है। पुलिस मालिक के जरिए ड्राइवर की तलाश में जुटी हुई है।
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काश मान लिए होते बड़े बेटे की बात, नहीं जाती जान
वाराणसी। बरेली से वाहन बुक कर दाऊनगर औरंगाबाद के लिए निकले लोगों को क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का सबसे दुखद सफर साबित होगा। दाऊनगर के रहने वाले काशीनाथ अपनी पत्नी मालती देवी और चार बेटियां ममता, सविता, लीलावती, रूपा के साथ बरेली में रहकर काम करते थे। हादसे में बेटी रूपा की मौत और अन्य सभी के घायल होने पर काशीनाथ सिर्फ यही रट लगाए रहे कि काश बड़े बेटे की बात मानकर उसके साथ मंगलवार सुबह ट्रेन से घर के लिए निकले होते तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। हादसे में सावित्री, बेटे सत्यम और बेटी सलोनी को मामूली चोर्टें आइं। काशीनाथ का बड़ा बेटा संतोष अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मंगलवार सुबह बरेली से ट्रेन से निकला था। संतोष सभी को साथ चलने के लिए कहा, लेकिन छोटे बेटे राजू के कहने पर सभी पिकअप से घर चलने के लिए तैयार हो गए।
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