यहां बता दें कि अवैध खनन में बिना रायल्टी के पट्टाधारकों ने मनमाने तरीके से गंगा किनारे गहरे गहरे गड्ढे बना दिए हैं। सबसे अहम बात यह है कि दिन रात चले इस अवैध खनन में किसी भी विभाग और अफसर ने निगरानी की जहमत नहीं उठाई।
समयावधि समाप्त होने के बाद रेत में मशीनें
गंगा पार रेती से बालू उठान के लिए पांच फर्मों की समयावधि दिसंबर में पूरी हो गई थी और एक फर्म की 27 जनवरी 2022 को पूरी हुई है। इस वक्त एक ही फर्म के पास लॉट उठाने की अनुमति है। बावजूद इसके जेसीबी और वाहनों की मदद से अलग-अलग क्षेत्रों में गुपचुप तरीके से अवैध खनन किया जा रहा है।