उद्यमियों को नई तकनीक की मशीनें और उद्योग कारखानों को आसानी से चलाने के लिए शनिवार को जानकारियां दी गई। रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन, एसएमएमई विभाग, यूएनआईडीओ और ईईएसएल अधिकारियों की मलदहिया स्थित होटल में संयुक्त कार्यशाला के दौरान उद्यमियों को ऊर्जा बचत को लेकर नई तकनीकी से रूबरू कराया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने औद्योगिक क्षेत्र में विभिन्न वस्तुओं का क्लस्टर बनाने पर जोर दिया, कहा कि क्लस्टर में 20 प्रतिभागियों की आश्यकता होती है, जिसमें दस करोड़ तक के प्रोजेक्ट पर 90 प्रतिशत धनराशि सरकार द्वारा सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है।
विशेषज्ञों ने पुरानी मोटरों को बदलकर नई तकनीकी की मोटरों पर जोर दिया। उद्यमियों को बताया कि इसमें 30 प्रतिशत ऊर्जा की बचत नई मोटरों के माध्यम से होना तय है, उन मोटरों की कीमत का मात्र 20 प्रतिशत ही विभाग को देना है। बाकी तीन वर्षों का आसान किस्तों में भुगतान करने का प्रावधान है। रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भट्टाचार्य ने कहा कि इस योजना से औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों को बहुत लाभ होगा, वह मौजूदा परिदृश्य में ऊर्जा की बचत पर ध्यान देना बहुत जरूरी है, वह क्लस्टर के गठन पर उद्योग लगाने में मदद मिलेगी। कार्यशाला में एमएसएमई के संयुक्त निदेशक राकेश कुमार, यूएनआईडीओ के राष्ट्रीय परियोजना समन्वयक देवा जीत दास, ईईएसएल के प्रबंधक प्रौद्योगिकी व प्रमुख कारपोरेट प्रोग्राम गिरजा शंकर, एमएसएमई के उपनिदेशक एलबीएस यादव, जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त वीरेंद्र कुमार आदि रहे।
ईईएसएल-रामनगर अध्ययन में समझौता
वहीं, ईईएसएल ने परियोजना के लक्ष्यों को साकार करने की सहायता के लिए रामनगर अध्ययन के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किया। कार्यशाला के दौरान कई एमएसएमई यूनिटों ने अपने यहां पहचान की गई टेक्नोलॉजी को लागू करने की इच्छा जताई है। इस अवसर पर चंद्रेश्वर जायसवाल, सतीश गुप्ता, पंकज बिजलानी, अमित गुप्ता, अनूप साहू, अजय राय, सिद्धार्थ बाजरा, कौटिल्य जायसवाल आदि मौजूद रहे।