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Buddha Purnima 2026: 12 देशों के 2.5 लाख भक्त बुद्ध के अस्थि कलश के करेंगे दर्शन, स्तूप की करेंगे परिक्रमा

Mon, 27 Apr 2026 07:17 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

विश्व में बढ़ रही अशांति से लोग भगवान बुद्ध के शांति के संदेश को प्रासंगिक मानते हैं। गौतम बुद्ध के प्रति लोगों की आस्था बढ़ी है। यही वजह है कि उनकी धर्मोपदेश स्थली पर इस बार त्रिविध पावनी वैशाख पूर्णिमा पर पिछले साल से ज्यादा अनुयायी आएंगे। 
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मूलगंध कुटी विहार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वैशाख पूर्णिमा पर प्राकट्य हुए भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली की रज माथे लगाने 12 देशों के ढाई लाख से ज्यादा अनुयायी पहुंचेंगे। वह अपने आराध्यदेव की पवित्र अस्थि अवशेष के दर्शन कर अनंत सुख की कामना करेंगे। सारनाथ के धमेख स्तूप की परिक्रमा करेंगे। धम्म सूत्र पाठ और धम्म यात्रा निकाली जाएगी। बाहर से अनुयायियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। 30 अप्रैल से काशी पहुंचे जाएंगे। एक मई विविध अनुष्ठान होंगे।

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भगवान बुद्ध के जीवन में बैशाख पूर्णिमा सबसे खास है। इसी दिन उनका जन्म और महापरिनिर्वाण हुआ और वह ज्ञान प्राप्त कर सिद्धार्थ गौतम से बुद्ध बने थे। इस तिथि पर भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ में उनकी भीड़ होगी। मूलगंध कुटी विहार में विविध अनुष्ठान होंगे। 

धम्म शिक्षण संस्थान के संस्थापक भिक्षु चंदिमा महाथेरो ने बताया कि विश्व में बढ़ रही अशांति से लोग भगवान बुद्ध के शांति के संदेश को प्रासंगिक मानते हैं। गौतम बुद्ध के प्रति लोगों की आस्था बढ़ी है। यही वजह है कि उनकी धर्मोपदेश स्थली पर इस बार त्रिविध पावनी वैशाख पूर्णिमा पर पिछले साल से ज्यादा अनुयायी आएंगे। संभावना है कि ढाई लाख अनुयायी गुरु की पवित्र स्थल पर नमन और वंदन करेंगे। बताया कि सारनाथ में करीब 15 देशों के मठ और बौद्ध मंदिर भी हैं। सभी बौद्ध मंदिर और मठों में बुद्ध पूर्णिमा उत्सव का उल्लास रहेगा।

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विश्व शांति के लिए विशेष पूजा

बुद्ध पूर्णिमा पर मूलगंध कुटी विहार में विविध आयोजन होंगे। भिक्षु चंदिमा महाथेरो ने बताया कि विश्व शांति के लिए विशेष पूजा होगी। सुबह छह से 11 बजे तक तथागत बुद्ध के पवित्र अस्थि धातु के दर्शन होंगे। दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक धम्म सभा और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। शाम चार बजे से डॉ. आंबेडकर स्मारक स्थल कचहरी से सारनाथ से अनुयायी धम्म यात्रा निकालेंगे। शाम छह बजे से धम्मदेशना का आयोजन होगा। उन्होंने बताया कि सुबह 10 से पांच बजे चिकित्सा शिविर शाम पांच बजे तक लगेगा। जबकि सामूहिक भोजन दान कार्यक्रम महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया परिसर में सुबह से रात 10 बजे तक चलेगा।

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इन देशों के आएंगे अनुयायी
बुद्ध पूर्णिमा पर कंबोडिया, थाईलैंड, वियतनाम, लाओस, श्रीलंका, म्यांमार, बंगलादेश, मलेशिया, कोरिया, चीन, तिब्बत और भुटान के बौद्ध अनुयायी आएंगे। जबकि भारत के महाराष्ट्र, बिहार, मध्यप्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश आदि राज्यों से अनुयायी होंगे। भिक्षु चंदिमा महाथेरो ने बताया कि इन देशों के मठों के भिक्षु पूजा कराएंगे। कुछ अनुयायी भगवान बुद्ध की ज्ञान स्थली गया और महापरिनिर्वाण स्थल कुशीनगर भी जाकर दर्शन करेंगे।
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