मुख्यालय के ईओडब्ल्यू अफसरों को यह लग रहा है कि वह बचने के लिए झूठ भी बोल सकता है। फिर यह भी सवाल है कि न्यायिक अभिरक्षा में रहते हुए अहम दस्तावेज पर कैसे कोई हस्ताक्षर करवा सकता है।
वाराणसी से लखनऊ पेशी पर जाने के दौरान अमिताभ किन लोगाें से मिला, यह सब भी जांच में दायरे में आ गया है। फिलहाल ईओडब्ल्यू ने अपनी ओर से जांच तेज कर दी है। अरबों की धोखाधड़ी मामले में आरोपी शाइन सिटी के 100 मुकदमों की जांच ईओडब्ल्यू कर रही है। इसमें 75 मुकदमों में चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल कर दी गई है।
ईओडब्ल्यू के एक अधिकारी ने बताया कि अमिताभ ने जांच में कहा है कि उसकी फर्जी आईडी और फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करके लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में दो बीघा जमीन बेची गई है। इसमें उसकी कोई भूमिका नहीं है। वाराणसी समेत पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में शाइन सिटी ने जमीन बिक्री के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी की है।