पूछताछ में आरोपी प्रभुनाथ सिंह ने बताया कि विस्फोटक फेंक कर वहां लोगों के अंदर भय पैदा करना चाहता था। उसे बकरीदू ने सुतली वाला बम लाकर दिया था। प्रेसवार्ता में एसीपी चेतगंज अनिरुद्ध कुमार भी मौजूद रहे। इंस्पेक्टर अनूप कुमार शुक्ला के नेतृत्व में गिरफ्तार करने वाली टीम में एएसआई विजय प्रकाश, प्रकाश सिंह, कांस्टेबल सूरज कुमार भारती और राकेश कुमार शामिल रहे।
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सिगरा थाना अंतर्गत पितरकुंडा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पिछले कई वर्षों से शाखा चल रही है। पितरकुंडा तालाब का सुंदरीकरण होने के बाद दो साल से शाखा तालाब किनारे ही लग रही है। इसके पहले यह शाखा समीप के ही साईं मंदिर में लगता था। बीते 28 अक्तूबर की सुबह संघ के रमेशचंद्र, हनुमान, विजय जायसवाल आदि स्वयंसेवक अपनी शाखा लगाए और अभ्यास करने लगे।
इसी बीच चहारदीवारी के बाहर से एक सुतली बम आकर गिरा, इसे देखते ही विजय ने बम को तत्काल तालाब में फेंक दिया। पांच से सात मिनट बाद दूसरा सुतली बम आकर ठीक उसी स्थान पर गिरा लेकिन फटा नहीं। दस से 12 मिनट बाद आया तीसरा बम सीधे विजय के दाहिने हाथ पर गिरा और फट गया। छर्रा लगने से विजय के हाथ से हल्का खून बहने लगा था। स्वयंसेवकों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी थी। घटना के चौथे दिन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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