वर्तमान रक्त एवं कंपोनेंट की आवश्यकता को देखते हुए इस पहल हर माह में लगभग 20 लाख का खर्च आएगा। इसे भारत सरकार द्वारा काशी हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा क्षेत्र के लोगों के लिए नए साल की सौगात माना जा सकता है।
इस चिकित्सालय का रक्त कोष पहले से ही फ्रोजेन प्लाज्मा और रेंडम डोनेट डोनर प्लेटलेट्स बिना प्रतिस्थापन के देते आ रहा है। दोनों अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए लगभग 27000 युनिट रक्त एवं अवयवों की आवश्यकता होती है, जो कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उड़ीसा के कुछ क्षेत्र और नेपाल से भेजे गए मरीजों में किया जाता है।