नवनिर्वाचित सभापति राकेश सिंह ‘अलगू’ ने कहा कि डीसीएफ में अब कमल खिल चुका है। यहां पर गुजरात मॉडल की तर्ज पर विकास कराया जाएगा। नए सिरे से विकास करने के लिए काम शुरू जाएगा।
आधी सदी से था लक्ष्मी प्रसाद राय और उनके परिवार का कब्जा
डीसीएफ पर लगभग आधी सदी तक समाजवादी पार्टी के लक्ष्मी प्रसाद राय और उनके परिवार का कब्जा रहा। उनके कार्यकाल में कुछ सदस्य मतदाता नहीं बनाए गए थे। उन्होंने कोर्ट में आपत्ति दाखिल की। कोर्ट ने नए सदस्यों को जोड़ने का आदेश दिया। इस वजह से बीच में चुनाव लटक गए। प्रशासन की ओर से चुनाव कराने के लिए प्रबंध समिति बनाई गई, जिसमें सरकारी अधिकारी प्रशासक बनाए गए। इसके बाद चुनाव संपन्न कराया गया।