प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र की पांच विधानसभा सीटों पर टिकट बंटवारे में भारी उलटफेर के आसार हैं।
अब इन सीटों पर विधानसभा क्षेत्र के समीकरणों के आधार पर उम्मीदवार तय किए जाएंगे।
इसका खाका खींचा जा चुका है। इसके तहत पहली बार कुछ नए कार्यकर्ताओं को चुनाव मैदान में किस्मत आजमाने का मौका मिलेगा।
दिल्ली में 15 जनवरी को होने वाली भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में पीएम के संसदीय क्षेत्र की पांच विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नाम पर मुहर लगने की संभावना है।
उच्चपदस्थ सूत्रों से मिले संकेतों के मुताबिक क्षेत्रीय इकाई की ओर से भेजे गए पैनल में काट-छांट कर दो-दो नाम संसदीय बोर्ड के समक्ष रखे जाएंगे, ताकि एक नाम पर सहमति बनाने में आसानी हो सके।
फिलहाल पार्टी ने पीएम के संसदीय क्षेत्र की पांचों विस सीटों पर क्षेत्रवार समीकरण को आधार बनाया है। कहा जा रहा है कि इन सीटों पर टिकट बंटवारा चौंकाने वाला होगा।
पता चला है कि शहर उत्तरी से बनिया (गुप्ता/जायसवाल), शहर दक्षिणी से सिंधी/पंजाबी, कैंट सीट से ब्राह्मण, रोहनिया से भूमिहार और सेवापुरी से पटेल (कुर्मी) उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी है।
अगर ऐसा हुआ तो लगातार सात बार से शहर दक्षिणी से विधायक चुने जा रहे पार्टी के कद्दावर नेता श्याम देव राय चौधरी और कैंट सीट से विधायक ज्योत्सना श्रीवास्तव का पत्ता साफ हो सकता है।
कैंट सूबे के वित्त मंत्री रहे हरिश्चंद्र श्रीवास्तव हरीश जी की सीट रही है।
उनके बाद उनकी पत्नी ज्योत्सना यहां से भाजपा के टिकट पर विधायक हैं। टिकट बंटवारे को लेकर इन सीटों पर अंदरखाने लखनऊ से दिल्ली तक सबसे अधिक घमासान है। कैंट और दक्षिणी सीटों पर सबसे अधिक नेताओं ने टिकट के लिए दावेदारी की है।