अनुप्रिया पटेल व ओम प्रकाश राजभर (फाइल फोटो)
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लोकसभा चुनाव की अधिसूचना से ठीक पहले तक नाराजगी दिखा रहे सहयोगी दलों -अपना दल (एस) और सुभासपा को सरकार ने साध लिया है। उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम और उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम का अध्यक्ष पद देकर सुभासपा को खुश किया गया है तो उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद का उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था का अध्यक्ष पद देकर अपना दल (एस) को मना लिया गया है।
मनोनयन ऐसे मौके पर किया गया है, जब दोनों दलों के पास फैसले का स्वागत करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। यही नहीं, अपना दल (एस) और सुभासपा का भाजपा नीत गठबंधन के साथ ही चुनाव लड़ना भी अपरिहार्य हो गया है। 27 फरवरी को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल और पार्टी अध्यक्ष आशीष पटेल की भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात में भी तय हो गया था कि दोनों दल लोकसभा चुनाव में साथ-साथ मैदान में उतरेंगे।
इसी तरह 24 फरवरी को सम्मेलन करने के बाद 25 फरवरी को प्रदेश की सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा करने वाले सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर भी इस फैसले से बैकफुट पर आ जाएंगे। वक्त कम है और संसदीय सीटों की ज्यादा मांग करने की स्थिति में अब दोनों ही दल नहीं हैं। डर होगा कि ज्यादा सौदेबाजी करने का मतदाताओं में संदेश भी गलत न चला जाए।