पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की बात करें तो उनके अनुसार जिले में चाइनीज मांझा बिकता ही नहीं है। मगर, हकीकत यह है कि शहर भर में धड़ल्ले से इसकी बिक्री होती है। पतंगबाजी के शौकीन बड़े बुजुर्गों के साथ ही बच्चों के हाथ में भी चाइनीज मांझा आसानी से दिख जाता है।
आए दिन इसकी चपेट में आकर आमजन के साथ ही पशु-पक्षी भी बुरी तरह घायल होते हैं, लेकिन इसकी बिक्री पर प्रभावी तरीके से अंकुश नहीं लग पा रहा है।चाइनीज मांझे के खिलाफ समय समय पर पुलिस अभियान भी चलाती है मगर फिर भी इसकी बिक्री जारी है।