किशोरो के कोरोना टीकाकरण में गंभीर लापरवाही सामने आई है। दरअसल, चेतगंज निवासी एक युवक के मोबाइल पर एक, दो नहीं बल्कि सात बच्चियों के टीकाकरण का पहले ओटीपी फिर सर्टिफिकेट आया। दिलचस्प यह है कि चेतगंज निवासी युवक के घर में टीकाकरण के योग्य कोई बच्चा नहीं है। वहीं जिन लड़कियों के टीकाकरण का सर्टिफिकेट आया है वह सभी बिहार के गया जिले की हैं।
चेतगंज निवासी युवक ने बताया कि 26 मार्च को मोबाइल पर टीका से संबंधित ओटीपी आया तो वह चौंक गए। क्योंकि उन्होंने टीकाकरण के लिए कोई रजिस्ट्रेशन या अन्य प्रक्रिया नहीं की। इतना ही नहीं ओटीपी के बारे में कोई पूछताछ भी नहीं हुई और एक बाद एक सात सात लड़कियों के टीकाकरण का सर्टिफिकेट भी आ गया। जिन सात लोगों को टीका लगाया गया, वह सभी 12 से 14 साल के हैं। सभी लड़कियां हैं। सभी को एक ही केंद्र पर कोरोना का टीका लगाया गया।
कोरोना टीकाकरण अभियान में यह बड़ी लापरवाही है। फिलहाल बनारस का मामला नहीं है। फिर भी केंद्रों पर कर्मचारियों को टीका लगवाने आने वालों का सही मोबाइल नंबर दर्ज कर, उनके सामने ही सर्टिफिकेट जेनरेट करने को कहा गया है। ताकि मोबाइल नंबर के बारे में सही जानकारी मिल सके । टीका लगवाने आने वालों को भी जागरूक रहना होगा।-डॉ.संदीप चौधरी, सीएमओ