भारत अध्ययन केंद्र में चलेंगी कक्षाएं
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू में पाप, पुण्य, मोक्ष, पुरुषार्थ, ब्रह्मांडीय रहस्यों समेत 12 पौराणिक मुद्दों पर शॉर्ट टर्म कोर्स चलेंगे। गरुण पुराण से संबंधित कोर्स भी संचालित होंगे। इसमें भगवान विष्णु और गरुण के बीच नर्क, स्वर्ग, श्राद्ध-तर्पण और जीवन-मृत्यु से जुड़ी थ्योरी और उनके व्यावहारिक रूप की बात होगी। 15 सितंबर तक आवेदन का मौका है।
भारत अध्ययन केंद्र में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में कक्षाएं चलाई जाएंगी। इसकी पहली कक्षा 17 सितंबर को पुराणों में धार्मिक अनुष्ठानों और उत्सवों की भूमिका विषय पर चलेगी। भारत अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. सदाशिव द्विवेदी का व्याख्यान होगा। इसमें लेक्चर लेने वाले सभी प्रोफेसर बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के अलग-अलग विभागों से ही होंगे। कुल मिलाकर 12 लेक्चर होंगे। केंद्र के समन्वयक प्रो. सदाशिव द्विवेदी ने बताया कि शाॅर्ट टर्म कोर्स की मांग बढ़ी है। इसे कोई भी अपने घर पर बैठे-बैठे आसानी से कर सकता है। बीएचयू के प्रकांड विद्वानों की टीम पूरे पुराणों की एक-एक बात का अध्ययन कराएगी।
युद्ध के मनोवैज्ञानिक और परिवार के मूल्यों की रक्षा पर होगी क्लास
पुराणों में गुरु शिष्य परंपरा, नारी का स्थान और शक्ति का स्वरूप, पुरुषार्थ का आध्यात्मिक और मनोवैज्ञानिक पक्ष, युद्ध नीति बनाम आधुनिक युद्ध सिद्धांत, आदर्श राजा और राज्य की संकल्पना सहित अंतरिक्ष, ब्रह्मांड की संकल्पना, सामाजिक पारिवारिक मूल्यों की रक्षा, पुराणों में प्रेरणाप्रद उपदेश, पुराणों के आलाेक में भक्तिमार्ग का विकास आदि पर पर अलग-अलग दिन कक्षाएं चलेंगी।
इसे भी पढ़ें; Varanasi Top News: काशी में कल बंद रहेंगे कई स्कूल, देह व्यापार में 17 के खिलाफ केस समेत पढ़ें प्रमुख खबरें
बीएचयू के छात्रों को 1200 और बाहरियों की 2000 फीस
इस कोर्स की कक्षाओं में भाग लेने के लिए बीएचयू के नियमित छात्र-छात्राओं के 1200 रुपये शुल्क तय किया गया है। शिक्षकों और रिसर्च स्कॉलर्स को 3000 रुपये, बीएचयू के बाहर के विवि के छात्र-छात्राओं को 2000 रुपये और विदेशी व एनआरआई छात्रों को 3500 रुपये देने होंगे। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 15 सितंबर तय की गई है। पूरा कोर्स करने के बाद सभी छात्र और छात्राओं को एक सर्टिफिकेट भी जारी किया जाएगा। इस कोर्स का कोआर्डिनेटर विजिटिंग फेलो डॉ. जया पांडेय को बनाया गया है।