कुलपति पद पर कार्यकाल के अंतिम दिन रविवार को प्रो. जीसी त्रिपाठी के बयान की चौतरफा आलोचना के बाद बुधवार को सफाई सामने आई है। प्रो. त्रिपाठी के हवाले से सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने यह तो माना है कि मजबूरी में अयोग्य लोगों को नियुक्त किए जाने की बात तो कही गई थी लेकिन इसका संदर्भ रिटायर्ड प्रोफेसर और कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) को बताया गया है।
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सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी ने माना है कि प्रो. त्रिपाठी ने यह बात एक प्रोफेसर द्वारा प्रमोशन पर विभागाध्यक्ष को लेकर की गई शिकायत के बारे में कहा था। मामले में कहा है कि कुछ अयोग्य लोग नियुक्त हो जाते हैं, यहां भी हुए हैं, वह जानते है।
यह बात प्रो. त्रिपाठी उसी के जवाब में कही, जिसमें विभागाध्यक्ष वाली शिकायत हुई थी। 26 नवंबर को आयोजित समारोह में प्रो. त्रिपाठी के बयान की डीवीडी और संबोधन के अविकल अंश भी तैयार कराए गए हैं। इसमें प्रो. त्रिपाठी को यह कहते हुए भी बताया गया है कि कमेटी का चेयरमैन होने के नाते अगर कहीं गड़बड़ी हुई है तो इसके लिए वह खुद जिम्मेदार हैं।
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ऐसे खुलेगा बीएचयू में नियुक्तियों का राज
विदाई समारोह में बोले बीएचयू के कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू में अपने कुलपति के कार्यकाल के दौरान मजबूरी में अयोग्य लोगों को नियुक्त करने के बयान पर प्रो. जीसी त्रिपाठी घिरते चले जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर टिप्पणी हो रही है। इस बीच अधिवक्ता और एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विकास सिंह ने आरटीआई के माध्यम से प्रो. त्रिपाठी के कार्यकाल में रिक्त पदों पर हुई नियुक्तियों की जानकारी मांगी है। विश्वविद्यालय के जनसूचना अधिकारी को लिखे पत्र में विकास ने उम्मीदवारों के नाम और उनकी योग्यता का विवरण देने को कहा है।
प्रो. त्रिपाठी ने 26 नवंबर को केएन उडप्पा सभागार में आयोजित विदाई समारोह में अपने कार्यकाल में मजबूरी में अयोग्य लोगों की नियुक्तियां करने की बात कही थी। उनके बयान की निंदा करने के साथ ही लोग टिप्पणी भी खूब कर रहे हैं।
इस बीच एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विकास ने जनसूचना अधिकारी को जो पत्र दिया है, उसमें 27 नवंबर 2014 से 26 नवंबर 2017 तक रिक्त पदों पर भर्ती, उम्मीदवारों का नाम, योग्यता के साथ ही पदवार निर्धारित योग्यता मांगी है। बताया कि इसके अलावा मानव संसाधन मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को भी इस मामले में पत्र भेजा जा चुका है।
बीएचयू के 25 विद्यार्थियों को कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से नौकरी मिली है। विश्वविद्यालय स्थानन समन्वय प्रकोष्ठ एवं मॉडल कॅरियर सेंटर के तत्वावधान में आयोजित कन्सेन्ट्रिक्स प्लेसमेंट ड्राइव में विभिन्न पाठयक्रमों के 130 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया था। साक्षात्कार के बाद 2.50 लाख रुपये प्रतिवर्ष की नौकरी मिली है।
प्लेसमेंट कोआर्डिनेटर प्रो. एचपी माथुर ने बताया कि चयनित छात्रों को कन्सेन्ट्रिक्स में कस्टमर सर्विस एक्जीक्यूटिव का पद मिला है। इनको दिल्ली, नोएडा, हैदराबाद, मुंबई, पुणे, कोलकाता और बंगलौर आफिस में तैनाती दी जाएगी। कन्सेन्ट्रिक्स 25 देशों में 70 हजार कर्मचारियों के साथ विश्व की उच्च कंपनियों में से एक है, जो बैंकिंग, ट्रैवेल, टूरिजम, मीडिया आदि 10 क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्रदान कर रही है। कन्सेन्ट्रिक्स टीम के वरुण श्रीवास्तव ने कंपनी के बारे में जॉब प्रोफ ाइल, जरूरत, कॅरियर डेवलपमेंट आदि की जानकारी दी।
बताया कि रीजनिंग व्याकरण, कंप्यूटर कौशल आधारित बहुविकल्पीय लिखित परीक्षा के आधार पर छात्रों को परखा गया। इस दौरान प्लेसमेंट कोआर्डिनेटर प्रो.सुमन जैन, टीपीओ उमेश सिंह, यंग प्रोफेशनल प्रियंका कश्यप आदि मौजूद रहे।