संकायों, विभागों के लिए भी चेयर स्कॉलरशिप
कुलपति ने संकायों, विभागों के लिए अलग से चेयर प्रोफेसरशिप की तरह ही एक स्कॉलरशि शुरू करने की भी पहल की है। उन्होंने बताया कि इसके लिए एकमुश्त 60 लाख रुपये भी संबंधित संकाय, विभाग की ओर से जुटाए जाएंगे। जिसका ब्याज करीब तीन लाख सालाना होगा और इस पैसे से विभाग और संकायों में शिक्षकों और छात्रों की सुविधाओं के साथ ही उन्हें सेमिनार, शोध और अन्य कार्यक्रमों में भाग लेने पर भी खर्च किया जाएगा।
निजी कंपनियां भी दे सकेंगी विश्वविद्यालय को फंड
कुलपति प्रोफेसर सुधीर कुमार जैन ने बताया कि विश्वविद्यालय में अब पुरातन छात्रों के साथ साथ जो भी विश्वविद्यालय को दान देना चाहता है, वह दे सकता है। इसमें निजी कंपनियां भी सहयोग कर सकती हैं। इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से सीएसआर में रजिस्ट्रेशन कराया जा चुका है, जिससे कि निजी कंपनियां भी अगर अपने नाम पर कोई स्कॉलरशिप शुरू करने के लिए पैसा देती है तो उसे भी विश्वविद्यालय के द्वारा छात्रों के सुविधाओं कल्याण के लिए लगाया जाएगा।
दान की राशि कर मुक्त, खुला है नया बैंक खाता
कुलपति ने बताया कि दान-कर्ताओं के पास अपनी रुचि के कार्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता देने का विकल्प भी होगा। बीएचयू को दिए जाने वाले समस्त दानराशि भारत की आयकर नियमावली की धारा 80जी के तहत पूर्णतया कर मुक्त हैं। इच्छुक पुरा छात्रों, शुभचिंतकों व दानकर्ताओं की सहूलियत के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने प्रतिदान के लिए एक नया बैंक खाता खुलवाया है। जिसमें कोई भी न सिर्फ भारत बल्कि विश्व के किसी भी हिस्से से आर्थिक योगदान दे सकता है। दानकर्ता विश्वविद्यालय की वेबसाइट के लिंक www.bhu.ac.in/donate पर क्लिक कर अपनी मातृ संस्था के लिए दान एवं योगदान कर सकते हैं। इस लिंक पर भारत से दान करने वालों, भारत से बाहर से दान करने वालों एवं वार्षिक दान के साथ साथ भुगतान के विभिन्न विकल्प दिए गए हैं। खास बात यह है कि इसके लिए 5 रुपये स लेकर 5 हजार, 10 हजार, 20 हजार से लेकर पांच लाख और उससे ज्यादा भी दान दिया जा सकता है।