ई रिक्शे की सीट को चूहों ने कतर डाला।
- फोटो : अमर उजाला।
जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों ने दिया था ई रिक्शा
बीएचयू अस्पताल के पूर्व एमएस प्रो. वीएन मिश्रा की पहल पर जनप्रतिनिधियों ने भी मरीजों की सेवा के उद्देश्य से ई- रिक्शा दान में दिए थे। इसमें राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने एक, बलिया से पूर्व सांसद भरत सिंह ने दो, व्यापारियों ने तीन और काशी घाटवाक विश्वविद्यालय की ओर से दो रिक्शे दिए थे।
इमरजेंसी वार्ड के बगल में बेकार हो रहे अटल सेवा में चलने वाले ई रिक्शे।
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अस्पताल प्रशासन सजग रहता तो नहीं बिगड़ती व्यवस्था
मरीजों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने का दावा करने वाले बीएचयू अस्पताल प्रशासन अगर सजग रहता तो शायद ई-रिक्शा की दशा यह नहीं होती और मरीजों को सेवाओं का लाभ मिलता। बीएचयू अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का आलम है कि दान में मिले रिक्शो का रखरखाव भी नहीं हो पा रहा है।
अस्पताल में नि:शुल्क अटल सेवा के तहत ई रिक्शों का संचालन नियमित हो रहा है। इमरजेंसी वार्ड के बगल में ही रखने की व्यवस्था है। कुछ ई रिक्शा जो नही चल रहे हैं उनकी बैट्री डिस्चार्ज है। इसे भी जल्द सही कराया जाएगा। कोरोना काल में भी मरीजों की सेवा करने के साथ ही रिक्शों पर दवा आदि सामान भी पहुंचाए गए हैं। -डॉ. एसके माथुर, चिकित्सा अधीक्षक, बीएचयू अस्पताल