बीएचयू में हुई सफल सर्जरी
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2डी इको से पता लगाया गया है कि युवक को जो बीमारी थी अगर समय पर इलाज नही होता तो शायद जान भी जा सकती थी। इस स्थिति में रक्त का रिसाव एरोटा में असमान्य छेद के माध्यम से दाएं वेंटिकल में भी होता है और पीछे की ओर बाय में वेंटिकल में लीक होने लगता है। रक्त के असामान्य प्रवाह के कारण उसके बाएं और दाएं दोनों वेंटिकल के निचले हिस्से और पूरे शरीर में रक्त पंप होने लगता है। और दोनों हो जाए हार्ट फ्लयोर की स्थिति में आ जाते हैं।
शुरुआत में मरीज को आईसीयू में वेंटिलेटर दी गई और हॉट फेल्योर को नियंत्रित करने के लिए दवाएं भी दी गई। सर्जरी में डॉक्टर सिद्धार्थ लखोटिया, डॉक्टर नरेंद्र नाथ दास के साथ ही डॉक्टर एसके माथुर और डॉ रीना ने एनेस्थीसिया दिया।