बीएचयू बवाल के संबंध में दर्ज मुकदमों की विवेचना क्राइम ब्रांच ने शुरू कर दी है। बुधवार को क्राइम ब्रांच की टीम बीएचयू परिसर पहुंची। 21 सितंबर की शाम से 24 सितंबर की सुबह तक की परिसर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज क्राइम ब्रांच ने अपने कब्जे में ले ली।
23 सितंबर की रात प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मी कहां तैनात थे, इसकी जानकारी जुटाकर टीम लौट आई। उधर, एसपी क्राइम ने कहा है कि जो कोई भी बीएचयू बवाल के संबंध में जानकारी देना चाहे, मोबाइल नंबर 9454404404/9839042903 या ई-मेल spcrime.va-up@gov.in पर या व्यक्तिगत रूप से पुलिस लाइन स्थित कार्यालय में संपर्क करके दे सकता है।
एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बुधवार को बताया कि क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर राहुल शुक्ला ने विवेचना शुरू कर दी है। 23 सितंबर की रात बीएचयू परिसर में कौन गार्ड कहां पर तैनात था, इसकी जानकारी जुटा ली गई है। जल्द ही सभी को नोटिस देकर उनका बयान दर्ज किया जाएगा।
फोरेंसिक और साइबर सेल की टीम भी बीएचयू परिसर गई थी। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष छात्र के साथ अन्याय नहीं होगा, इस बात का सभी विश्वास करें। जिन्होंने माहौल को बिगाड़ा है सिर्फ वही कार्रवाई की जद में आएंगे।
अफसरों ने एक-दूसरे को दी क्लीन चिट
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बीएचयू बवाल के मामले में पुलिस और मजिस्ट्रेट एक-दूसरे को बचाने में लगे हुए हैं। कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने घटना के संबंध में संबंधित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जो उन्हें मिल गई है। घटनाक्रम के बारे में अवगत कराने को कहा गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटना के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। अधिकारियों का कहना है कि सबसे पहले बीएचयू के सुरक्षा गार्डों ने छात्रों, छात्राओं पर लाठी चलाई थी जिसके बाद मामला बिगड़ गया।
बवाल हुआ तो पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। उल्लेखनीय है कि कमिश्नर ने एडीएम सिटी, एसपी सिटी, चार एसीएम, सीओ भेलूपुर और एसओ लंका से घटनाक्रम के संबंध में रिपोर्ट मांगी थी। कमिश्नर ने शासन को जो रिपोर्ट भेजी है उसमें अधीनस्थ अधिकारियों की इस रिपोर्ट को शामिल किया गया था।
मजिस्ट्रेटी जांच की अवधि बढ़ाई गई
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बीएचयू में छात्र, छात्राओं एवं पत्रकारों पर हुए लाठीचार्ज की घटना के मामले में चल रही मजिस्ट्रेटी जांच में बयान देने की अवधि दो दिन और बढ़ा दी गई है। अब पांच अक्तूबर तक बयान दिए जा सकते हैं। ऐसा दशहरे के अवकाश के चलते किया गया है।
28 सितंबर से दो अक्तूबर तक कलेक्ट्रेट बंद रहेगा। वहीं, बुधवार को भी घटना के संबंध में किसी ने बयान दर्ज नहीं कराया। हालांकि बुधवार को बीएचयू से जुड़े दो लोगों ने जांच अधिकारी एडीएम प्रशासन के न्यायालय में संपर्क किया था।
दोनों ने गोपनीयता बनाए रखने की शर्त पर जल्द ही बयान दर्ज कराने को कहा है। एडीएम प्रशासन ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से भी घटना की रिपोर्ट मांगी है। हालांकि अब तक किसी ने अपनी रिपोर्ट जांच अधिकारी को नहीं सौंपी है।