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बीएचयू : 50 फीसदी बढ़ी ओपीडी पंजीकरण की फीस

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बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रामा सेंटर में आने वाले मरीजों को अब जेब ढीली करनी पड़ेगी। ओपीडी में पंजीकरण के लिए अब 20 की जगह 30 रुपये की पर्ची कटानी पड़ेगी। सोमवार से ही नया रेट लागू कर दिया गया है। सूचना चस्पा न होने की वजह से पर्चा काउंटर पर 50 फीसदी ज्यादा फीस मांगने पर मरीज और परिजन चौक गए। बाद में पता चला कि बढ़ती महंगाई को देख फीस बढ़ाई गई है।
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बीएचयू अस्पताल के साथ ही ट्रामा सेंटर में वाराणसी, आसपास के जिलों के साथ ही बिहार, झारखंड से तीन से चार हजार मरीज इमरजेंसी और ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने आते हैं। फीस बढ़ने से मरीजों को दिक्कत होगी। हॉस्पिटल मैनेजमेंट कमेटी की पिछले दिनों हुई बैठक में ही वृद्धि पर फैसला लिया गया था। वहीं, दस रुपये बढ़ने से हर दिन करीब 30 से 40 हजार रुपये की कमाई होगी।
सुविधाओं पर ध्यान दे अस्पताल
देवरिया से ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने आई उर्मिला देवी और भदोही से रामविलास पांडेय का कहना था कि अस्पताल प्रशासन को पहले सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए, उसके बाद ही पंजीकरण फीस बढ़ाना चाहिए था। अब भी अस्पताल में न तो स्ट्रेचर समय पर मिल पाता है और न ही खराब लिफ्ट बन सकी है। आईसीयू में बेड की कमी रहती है।
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फीस वृद्धि के विरोध में उतरे छात्र
बिरला बी छात्रावास में हुई एक बैठक में छात्रों ने फीस बढ़ोतरी को मरीजों के हित में वापस लेने की मांग की है। साथ ही ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि इसका असर सीधे गरीबों की जेब पर पड़ेगा। अध्यक्षता कर मृत्युंजय तिवारी आजाद ने कहा कि महामना मदन मोहन मालवीय ने विश्वविद्यालय की स्थापना सर्व समाज के कल्याण के लिए की थी। फीस बढ़ोतरी ठीक नहीं है। बैठक में वैभव तिवारी, अभिषेक कुमार सिंह, अवनींद्र राय, दिलीप कुमार मौर्य, आलोक कुमार सिंह, कुमार क्षितिज, राघवेंद्र राय मौजूद रहे।
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