बुधवार दोपहर में सद्बुद्धि यज्ञ के बाद नर्सिंग ऑफिसरों ने 40 पेज का प्रार्थना पत्र भी प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय सहित अन्य अधिकारियों को भेजा है। जिसमें पिछले 5 दिन से कामकाज छोड़कर इमरजेंसी पर धरना देने के बाद भी कोई कार्यवाही न होने का जिक्र किया है।
उनका कहना है कि जिस तरह से एमएस प्रोफेसर केके गुप्ता ने इमरजेंसी में दुर्व्यवहार किया, वह गलत है। पिछले 5 दिनों से वह आंदोलन कर रहे हैं लेकिन बीएचयू प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मरीजों के हित में इमरजेंसी सभी सेवा दे रहे हैं लेकिन अगर बीएचयू प्रशासन का इसी तरह रवैया रहा तो आने वाले दिनों में इमरजेंसी सेवाओं से भी अपने को अलग करना पड़ेगा।