बीएचयू हॉस्टल में मेस पर महंगाई की मार पड़ रही है। अब तक सौ रुपये प्रतिदिन छात्रों से लिए जाते थे, लेकिन महंगाई का हवाला देकर बीएचयू प्रशासन ने 25 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। अब छात्रों को खाने के लिए 125 रुपये देने पड़ेंगे। छात्र परेशान हो गए हैं।
कोरोना काल में अधिकांश हॉस्टल बंद चल रहे थे, लेकिन अब विश्वविद्यालय खुलने पर हॉस्टल में कमरे आवंटित किए जा रहे हैं। 21 अक्तूबर को छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में मेस की फीस बढ़ाने का फैसला लिया गया। महिला महाविद्यालय, विज्ञान संस्थान, कामकाजी महिला छात्रावास, मैत्रेयी, यमुना, गार्गी, रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास के साथ ही त्रिवेणी कांपलेक्स में 100 रुपये की जगह 125 रुपये छात्रों को देने पड़ेंगे। इसके पीछे मेस महराज की वित्तीय समस्याओं का हवाला दिया गया है। छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इस पर दोबारा विचार करने की मांग की है।
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छात्राओं ने दिया धरना, नारेबाजी की
वाराणसी। महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने गेट पर धरना दिया। विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर फीस वृद्धि का फैसला वापस लेने की मांग की। उनका कहना था कि एक ओर कोरोना की वजह से आर्थिक संकट बना हुआ है। वहीं, मेस की फीस बढ़ाने का फैसला गलत है। सूचना पर पहुंचे एडमिन वार्डन ने नवंबर में बढ़ी शुल्क न लेने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्राओं का धरना समाप्त हुआ।