कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी
बीएचयू के नए कुलपति को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। 27 नवंबर को कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। कुछ समय पहले तक प्रो. त्रिपाठी को एक और कार्यकाल के लिए नियुक्ति मिलने की चर्चा आम थी।
चर्चाएं थीं कि सेकेंड टर्म न मिलने पर प्रो. त्रिपाठी को एक बड़े संस्थान का चेयरमैन बनाया जा सकता है। कारण, सियासी समीकरणों के साथ-साथ परिसर का माहौल उनके पक्ष में था, पर 21 सितंबर को छात्रा के साथ परिसर में छेड़खानी, अगले दिन से धरना और 23 सितंबर को छात्राओं पर लाठीचार्ज की घटना से ऐसी सभी संभावनाओं पर विराम लगता नजर आ रहा है।
पूरा मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, राज्यपाल राम नाईक के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीएचयू की घटना से खासे व्यथित हैं।
विश्वविद्यालय की साख बहाली के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय भी सक्रिय हो गया है। अब महामना की बगिया की बगडोर किसी शिक्षाविद के साथ-साथ प्रशासनिक क्षमता में दक्ष व्यक्ति को ही सौंपने की तैयारी है। इसके लिए सभी अपने-अपने अनुमान से नाम उछालने लगे हैं।
कुलपति पद पर प्रो. त्रिपाठी ने 27 नवंबर, 2014 को कार्यभार संभाला था। उनका कार्यकाल 27 नवंबर, 2017 को पूरा हो रहा है। नियमानुसार कार्यकाल समाप्ति के दो माह पहले कोई भी कुलपति नियुक्ति से संबंधित मामलों के अलावा अधिनियम-परिनियम में दी गई व्यवस्था के अनुसार अन्य मामलों में बड़ा फैसला नहीं ले सकता है।
अब जिस तरह से विश्वविद्यालय की किरकरी पूरे देश में हुई है और मंत्रालय ने कुलपति के खिलाफ विरोध तेज होता देख कार्रवाई का संकेत भी दे दिया है।