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बीएचयू में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर

Fri, 18 Mar 2016 02:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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बीएचयू में डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज परेशान।
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बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रामा सेंटर के जूनियर डॉक्टर सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए एक बार फिर हड़ताल पर चले गए हैं। बुधवार को अल्ट्रासाउंड सेंटर में बीएचयू के कुछ छात्रों द्वारा डॉ. शशांक के साथ मारपीट के विरोध में गुरुवार की शाम साढ़े छह बजे रेजिडेंट डॉक्टरों ने काम ठप कर दिया। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने मारपीट के आरोपी छात्र को महज निलंबित किया जबकि उनकी मांग उसे निष्कासित करने की थी। प्रशासन के निर्णय के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया। हालांकि सीनियर डॉक्टर ड्यूटी पर हैं। रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि जब तक आरोपी छात्र को निष्कासित नहीं किया जाता, हड़ताल जारी रहेगी।   
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बुधवार को बीएचयू अस्पताल स्थित रेडियो डायग्नोसिस एंड इमेजिंग विभाग की अल्ट्रासाउंड यूनिट में बीएचयू के कुछ छात्रों ने जूनियर डॉक्टर शशांक की पिटाई कर दी थी। डॉक्टर ने लंका थाने में मारपीट करने वाले छात्रों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था। उधर, गुरुवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने सीसीटीवी की फुटेज के आधार पर इस मामले में डॉक्टर की पिटाई और सेंटर में तोड़फोड़ करने के आरोप में कला संकाय के एमए फ्रेंच के छात्र राजन कुमार सिंह को निलंबित कर दिया। छात्र से समस्त शैक्षणिक सुविधाएं छीन ली गईं हैं और मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया है। आरोपी छात्र पर हुई इस कार्रवाई से जूनियर डॉक्टर संतुष्ट नहीं हुए और शाम को हड़ताल पर चले गए। जूनियर डॉक्टरों की मांग है कि आरोपी छात्र को विश्वविद्यालय से निष्कासित किया जाए और डॉक्टरों की सुरक्षा के व्यवस्थित इंतजाम किए जाएं।
 
वाराणसी। चुनार (मिर्जापुर) की डंगरा देवी (50) एक सड़क हादसे का शिकार हो गईं और उनका पैर फ्रैक्चर हो गया। गुरुवार की सुबह बेटे कैलाश के साथ वे ट्रामा सेंटर में इलाज के लिए पहुंचीं। सारा दिन डॉक्टर को दिखाने और जरूरी चेकअप कराने में गुजरा। डॉक्टर ने उन्हें भर्ती होने की सलाह दी। शाम को जब उन्हें भर्ती होना था तभी रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। ऐसे में उन्हें निजी अस्पताल की शरण लेनी पड़ी। इसी तरह हड़ताल के चलते अन्य मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशान होना पड़ा। 
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