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बीएचयू में बवाल: आठ महीने में चौथी बार सुलगी महामना की बगिया, इस बार बाहरी छात्रों ने बिगाड़ा माहौल!

Fri, 27 Aug 2021 05:00 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बीएचयू में छात्रों के बीच हुई मारपीट और पत्थरबाजी मामले में प्रॉक्टोरियल बोर्ड औऱ स्थानीय एलआईयू को भनक तक नहीं लगी। जबकि हफ्ते भर से छात्रों की जुटान हॉस्टलों में होने लगी थी। बताया जा रहा है कि बिरला हॉस्टल में बाहरी छात्रों की जुटान अधिक है। 
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बीएचयू वाराणसी यूपी: राजाराम और बिड़ला हॉस्टल के छात्रों के बीच संघर्ष - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महामना की बगिया यानी काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर एक बार फिर दो छात्रावासों के भिड़ंत के कारण सुर्खियों में आ गया है। बीती रात करीब पौने 12 बजे  मामूली विवाद के बाद राजाराम और बिड़ला-सी हॉस्टल के छात्र आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों हॉस्टलों के छात्रों की तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस दौरान पेट्रोल बम चले और हवाई फायरिंग भी हुई।  

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पत्थरबाजी में कई छात्रों समेत बीएचयू चौकी इंचार्ज राजकुमार पांडेय को चोटें आईं हैं। बीएचयू परिसर में इस साल आठ महीने में यह मारपीट, पत्थरबाजी की चौथी घटना है। इस साल सबसे पहले मार्च में परिसर में विश्वनाथ मंदिर के पास लाल बहादुर शास्त्री हॉस्टल और बिड़ला हॉस्टल के छात्रों के बीच मारपीट, पत्थरबाजी हुई थी।

इसके बाद जून महीने में मेडिकल छात्रों और बिड़ला हॉस्टल के बीच मारपीट की घटना हुई। 16 अगस्त को परिसर में इकोनॉमिक्स की छात्रा के साथ छेड़खानी और मारपीट की घटना हुई। अब बृहस्पतिवार को भी छात्रों के दो गुट आपस में भिड़े। बीएचयू में छात्रों के बीच हुई मारपीट और पत्थरबाजी मामले में प्रॉक्टोरियल बोर्ड औऱ स्थानीय एलआईयू को भनक तक नहीं लगी। जबकि हफ्ते भर से छात्रों की जुटान हॉस्टलों में होने लगी थी।
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बताया जा रहा है कि बिड़ला हॉस्टल में बाहरी छात्रों की जुटान अधिक है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की ओर से चेकिंग नहीं होने के चलते बाहरी छात्रों की आवाजाही अधिक है। बीएचयू में हुई मारपीट मामले में दोनों पक्षों ने तहरीर दी है। जिसमें एक दूसरे पर मारपीट तोड़फोड़ और लूट का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

डीसीपी काशी जोन अमित कुमार ने बताया कि दो हॉस्टल के बीच छात्रों में मारपीट और पत्थरबाजी हुई है। दोनों पक्ष की ओर से तहरीर मिली है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि कोरोना संक्रमण की वजह से बीएचयू में कक्षाएं एक सितंबर से चलेंगी। 

बीएचयू में सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

बीती रात घटी घटना के बाद बीएचयू में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगा है। परिसर में प्रॉक्टोरियल बोर्ड की भारी भरकम फौज है, आंतरिक खुफिया सेल भी है। जगह-जगह-सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। इसके बाद भी मारपीट, पत्थरबाजी, पेट्रोल बमबाजी और शिक्षकों को बंधक बनाने जैसी घटनाएं हो रही है, जिसकी भनक भी नहीं लग पा रही है।

बृहस्पतिवार को भी देर रात 11.45 बजे से आधा घंटे तक मारपीट व उसके बाद पत्थरबाजी की घटना हुई। बिड़ला सी और राजाराम हॉस्टल के छात्रों के बीच हुई इस घटना के बाद दोनों पक्षों को समझाने के लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य देर रात तक जुटे रहे। बताया जा रहा कि कुछ छात्र हॉस्टल में बैठकर नशा कर रहे थे इसी बीच कहासुनी शुरू हो गई।
https://www.youtube.com/watch?v=4ptWHCnueq4
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बीएचयू प्रशासन की चिंताएं बढ़ीं

राजाराम और बिड़ला हॉस्टल के छात्रों के बीच हुआ संघर्ष - फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार देर रात की घटना के बाद बीएचयू प्रशासन की चिंताएं बढ़ गईं है। दरअसल, परिसर में एक सितंबर से अंतिम वर्ष की कक्षाओं के चलाए जाने और नियमानुसार हॉस्टल के आवंटन का आदेश हाल ही में जारी हुआ है। ऐसे में इस घटना से विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हड़कंप मच गया  है। जब बिना कक्षाओं के चलने के समय का यह हाल है तो जब कक्षाएं शुरू हो जाएंगी और हॉस्टल में छात्र आने लगेंगे तो ऐसी घटनाओं को रोकना और मुश्किल हो जाएगा।

जिस तरह से बृहस्पतिवार को बिड़ला सी और राजाराम हॉस्टल के छात्रों के बीच मारपीट, पत्थरबाजी, चलने की घटना हुई, उसमें भी विश्वविद्यालय की आतंरिक सुरक्षा व्यवस्था कहीं न कहीं कमजोर साबित हुई। रात करीब पौने बारह बजे मारपीट, पत्थरबाजी आधे घंटे तक होती रही लेकिन रोकने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया। 
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