बीती रात घटी घटना के बाद बीएचयू में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगा है। परिसर में प्रॉक्टोरियल बोर्ड की भारी भरकम फौज है, आंतरिक खुफिया सेल भी है। जगह-जगह-सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। इसके बाद भी मारपीट, पत्थरबाजी, पेट्रोल बमबाजी और शिक्षकों को बंधक बनाने जैसी घटनाएं हो रही है, जिसकी भनक भी नहीं लग पा रही है।
बृहस्पतिवार को भी देर रात 11.45 बजे से आधा घंटे तक मारपीट व उसके बाद पत्थरबाजी की घटना हुई। बिड़ला सी और राजाराम हॉस्टल के छात्रों के बीच हुई इस घटना के बाद दोनों पक्षों को समझाने के लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य देर रात तक जुटे रहे। बताया जा रहा कि कुछ छात्र हॉस्टल में बैठकर नशा कर रहे थे इसी बीच कहासुनी शुरू हो गई।
https://www.youtube.com/watch?v=4ptWHCnueq4
राजाराम और बिड़ला हॉस्टल के छात्रों के बीच हुआ संघर्ष
- फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार देर रात की घटना के बाद बीएचयू प्रशासन की चिंताएं बढ़ गईं है। दरअसल, परिसर में एक सितंबर से अंतिम वर्ष की कक्षाओं के चलाए जाने और नियमानुसार हॉस्टल के आवंटन का आदेश हाल ही में जारी हुआ है। ऐसे में इस घटना से विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हड़कंप मच गया है। जब बिना कक्षाओं के चलने के समय का यह हाल है तो जब कक्षाएं शुरू हो जाएंगी और हॉस्टल में छात्र आने लगेंगे तो ऐसी घटनाओं को रोकना और मुश्किल हो जाएगा।
जिस तरह से बृहस्पतिवार को बिड़ला सी और राजाराम हॉस्टल के छात्रों के बीच मारपीट, पत्थरबाजी, चलने की घटना हुई, उसमें भी विश्वविद्यालय की आतंरिक सुरक्षा व्यवस्था कहीं न कहीं कमजोर साबित हुई। रात करीब पौने बारह बजे मारपीट, पत्थरबाजी आधे घंटे तक होती रही लेकिन रोकने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया।