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डेंगू के दंश पर काशी : 21 नए मरीजों के मिलने के बाद 80 पहुंची संख्या, आईएमएस बीएचयू के 10 डॉक्टर भी चपेट में

Fri, 27 Aug 2021 03:20 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

स्वास्थ्य विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को 21 नए मरीजों की पुष्टि की गई है। 100 से अधिक लोगों की रैपिड टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जून से अब तक 80 से अधिक डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। वहीं, संदिग्ध मरीजों की संख्या 350 पहुंच गई है। 
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मेज और स्ट्रेचर पर हो रहा मरीजों का उपचार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी में डेंगू मरीजों  की संख्या बढ़ती जा रही है। आईएमएस बीएचयू के रेजिडेंट भी इसकी चपेट में आ गए हैं। दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय के करीब दस से अधिक रेजिडेंट अपना इलाज करा रहे हैं। कुछ हॉस्टल और कुछ घर में हैं। उधर, स्वास्थ्य विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को 21 नए मरीजों की पुष्टि की गई है। 100 से अधिक लोगों की रैपिड टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जून से अब तक 80 से अधिक डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। वहीं, संदिग्ध मरीजों की संख्या 350 पहुंच गई है। 

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बीएचयू दंत चिकित्सा संकाय के रेजिडेंट ने प्रभारी कुलपति को पत्र लिखा है। संकाय में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की जानकारी दी है। साथ ही बताया है कि कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से मच्छरों से बचाव के इंतजाम में लगे हैं। संकाय कार्यालय में शिकायत करने के बाद भी काई कार्रवाई नहीं हुई।

आईएमएस निदेशक प्रो. बीआर मित्तल ने बताया कि दंत चिकित्सा संकाय के रेजिडेंट की समस्या की कोई जानकारी नहीं है। अगर समस्या है तो संकाय स्तर पर समाधान होना चाहिए। जिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय के अनुसार, मरीजों के घर और उसके आसपास फॉगिंग कराई जाएगी। 
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महिला अस्पताल परिसर में जलभराव से परेशानी
डेंगू से बचाव के लिए जल निकासी का निर्देश अधिकारियों द्वारा दिया जा रहा है। कबीरचौरा स्थित जिला महिला अस्पताल में जगह-जगह जलभराव से परेशानी बढ़ गई है। जल निकासी न होने से मच्छरों के पनपने की संभावना बनी है। गर्भवती महिलाओं को आने जाने में परेशानी हो रही है। एमसीएच विंग के पास भी यही हाल है।  

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बीएचयूः मौसमी बीमारियों से पीड़ित बच्चों से चिल्ड्रेन वार्ड फुल

बीएचयू अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं दिए जाने का दावा तो किया जाता है, लेकिन यहां व्यवस्था में बहुत सुधार होता नहीं दिख रहा है। यहां इमरजेंसी में जहां पिछले दिनों चिल्ड्रेन वार्ड में बच्चों का स्ट्रेचर और मेज पर इलाज करना पड़ा था, वहीं वैसे ही हालात एक बार फिर हो गए हैं। चिल्ड्रेन वार्ड के बीमार बच्चों के भर जाने की वजह से बेड नहीं मिल पा रहा है। लिहाजा मेज और स्ट्रेचर पर बच्चों को रखकर इलाज करना मजबूरी हो गई है।

बीएचयू अस्पताल में वाराणसी, आसपास के जिले व बिहार तक से बच्चों को इलाज के लिए लेकर परिजन आते हैं। वैसे तो इमरजेंसी के सभी वार्ड मरीजों से भरे पड़े हैं, लेकिन बृहस्पतिवार को यहां प्रथम तल पर बने चिल्ड्रेन वार्ड की तस्वीर अलग ही दिख रही थी। यहां 20 से अधिक बेड हैं, सभी बेडों पर बच्चे भर्ती थे। इसके बाद भी दो बच्चियों को स्ट्रेचर और मेज पर भर्ती कर इलाज किया जा रहा था।

इतना ही नहीं जिस स्ट्रेचर, मेज पर बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है, उस पर चादर भी नहीं दिखी। इसके अलावा कुछ बच्चों को भर्ती कराने के लिए खाली बेड के बारे में जानकारी के लिए उनके परिजन परेशान रहे। जानकारी के मुताबिक, वार्ड में भर्ती बच्चों में ज्यादातर बच्चे मौसमी बीमारी से परेशान हैं। इसमें कुछ को तो ऑक्सीजन भी लगाया गया है।  
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