बीएचयू अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं दिए जाने का दावा तो किया जाता है, लेकिन यहां व्यवस्था में बहुत सुधार होता नहीं दिख रहा है। यहां इमरजेंसी में जहां पिछले दिनों चिल्ड्रेन वार्ड में बच्चों का स्ट्रेचर और मेज पर इलाज करना पड़ा था, वहीं वैसे ही हालात एक बार फिर हो गए हैं। चिल्ड्रेन वार्ड के बीमार बच्चों के भर जाने की वजह से बेड नहीं मिल पा रहा है। लिहाजा मेज और स्ट्रेचर पर बच्चों को रखकर इलाज करना मजबूरी हो गई है।
बीएचयू अस्पताल में वाराणसी, आसपास के जिले व बिहार तक से बच्चों को इलाज के लिए लेकर परिजन आते हैं। वैसे तो इमरजेंसी के सभी वार्ड मरीजों से भरे पड़े हैं, लेकिन बृहस्पतिवार को यहां प्रथम तल पर बने चिल्ड्रेन वार्ड की तस्वीर अलग ही दिख रही थी। यहां 20 से अधिक बेड हैं, सभी बेडों पर बच्चे भर्ती थे। इसके बाद भी दो बच्चियों को स्ट्रेचर और मेज पर भर्ती कर इलाज किया जा रहा था।
इतना ही नहीं जिस स्ट्रेचर, मेज पर बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है, उस पर चादर भी नहीं दिखी। इसके अलावा कुछ बच्चों को भर्ती कराने के लिए खाली बेड के बारे में जानकारी के लिए उनके परिजन परेशान रहे। जानकारी के मुताबिक, वार्ड में भर्ती बच्चों में ज्यादातर बच्चे मौसमी बीमारी से परेशान हैं। इसमें कुछ को तो ऑक्सीजन भी लगाया गया है।