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बीएचयू अस्पताल: इमरजेंसी में एमएस पर पिटाई का आरोप, कामकाज ठप कर रातभर धरने पर बैठे रहे नर्सिंग ऑफिसर

Sun, 09 Jan 2022 01:28 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बीएचयू अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता पर गंभीर आरोप लगा है। कहा गया कि उन्होंने नर्सिंग ऑफिसर की पिटाई की है। इसके बाद अस्पताल के 200 से अधिक नर्सिंग कर्मियों ने हंगामा शुरू कर दिया। एमएस पर कार्रवाई की मांग को लेकर उनका विरोध प्रदर्शन जारी है।  
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नर्सिंग अफसरों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में शनिवार को एक नर्सिंग ऑफिसर की पिटाई का मामला सामने आया। नर्सिंग अफसरों ने अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता पर धक्का मुक्की करने और थप्पड़ मारने का आरोप लगाया। साथ ही कामकाज छोड़कर इमरजेंसी गेट पर प्रदर्शन किया।

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दोपहर करीब डेढ़ बजे से शुरू प्रदर्शन रात भर चलता रहा। इस दौरान इमरजेंसी समेत वार्डों में भर्ती मरीजों का इलाज भी प्रभावित हुआ। इस दौरान उनकी प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों से नोकझोंक भी हुई। वहीं एमएस ने आरोपों को गलत बताया है।

दरअसल, एमएस प्रो. केके गुप्ता दोपहर में करीब डेढ़ बजे इमरजेंसी के प्रथम तल पर मरीजों के इलाज की जानकारी ले रहे थे, तभी यह घटना हुई। नर्सिंग अफसर मनीष और अरविंद शेखावत का कहना है कि वह एक मरीज की सेवा में लगे थे, तभी एमएस ने मरीजों के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए धक्का मुक्की की और उनकी पिटाई कर दी।
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आईएमएस निदेशक की अपील का भी नहीं हुआ कोई असर

जिसपर सभी वार्डों में तैनात नर्सिंग अफसर कामकाज छोड़कर इमरजेंसी पहुंचे और एमएस के इस्तीफे की मांग के लिए प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान डिप्टी एमएस प्रो. सौरभ सिंह और आईएमएस निदेशक प्रो. बीआर मित्तल भी इमरजेंसी में नर्सिंग अफसरों से बातचीत कर प्रदर्शन खत्म करने को कहा लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुए। वह कुलपति से एमएस को हटाने की मांग पर अड़े हैं। नर्सिंग अफसरों ने का कहना है कि जब तक एमएस का इस्तीफा नहीं हो जाता है तब तक वह काम पर नहीं लौटेंगे।

एमएस बोलेः किसी ने नर्सिंग आफिसरों को गुमराह किया

नर्सिंग अफसरों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू अस्पताल  के एमएस प्रो.केके गुप्ता ने कहा  मेरे ऊपर पिटाई का आरोप गलत है। मैं हर दिन की तरह इमरजेंसी में व्यवस्था देखने गया था। इस दौरान एक मरीज के परिजनों से नर्सिग स्टाफ की किसी बात को लेकर कहासुनी हो रही थी।

ऐसे में स्टाफ को मरीजों का देखभाल सही ढंग से करते रहने को कहा। जिस तरह का प्रदर्शन हो रहा है, ऐसा लगता है कि किसी ने नर्सिंग आफिसरों को गुमराह किया है। फिलहाल सीसीटीवी की जांच कराई जा रही हैं। सभी से काम पर लौटने की अपील की गई है।

अस्पताल प्रशासन का छूटा पसीना

बीएचयू अस्पताल में नर्सिंग आफिसरों के कामकाज ठप करने से मरीजों का इलाज प्रभावित हुआ। इसमें इमरजेंसी के साथ ही वार्डों में मरीजों को आईवी फ्लूड चढ़ाने के साथ ही इंजेक्शन लगाने, दवा लेने में असुविधा हुई। यहीं नहीं इमरजेंसी के गेट पर सैकड़ों नर्सिंग ऑफिसर के प्रदर्शन की वजह से गंभीर मरीजों को भी इमरजेंसी तक ले जाने में परिजनों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

वाराणसी और अन्य जगहों से आने वाले कई मरीज तो एंबुलेंस में ही बैठे रह गए कि अगर इमरजेंसी में प्रदर्शन खत्म होता है, तो वह अंदर जा सके। एंबुलेंस कर्मी भी किसी को नीचे उतार नहीं रहे थे कि अगर इमरजेंसी में मरीज नहीं जा सके तो उनकी तबीयत बिगड़ जाएगी। चंदौली निवासी एक मरीज को दिखाने परिजन पहुंचे थे। वह भी इमरजेंसी तक नहीं जा सका।
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करीब एक घंटे बाद किसी तरह स्ट्रेचर से उसका बेटा अंदर ले जाया पाया। दूसरी ओर प्रदर्शन करने वाले नर्सिंग आफिसरों को मनाने में अस्पताल प्रशासन का पसीना छूट गया। यहीं कारण है कि दोपहर करीब डेढ़ बजे से शुरू प्रदर्शन रात भर चलता रहा। 
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