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मरीजों को बड़ी राहत: बीएचयू अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल स्थगित, शुक्रवार से काम पर लौटेंगे

Thu, 09 Dec 2021 11:23 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बीएचयू में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों को परेशानी बढ़ गई थी, मरीजों को सही से इलाज नहीं मिल पा रहा था, तो कहीं मरीज स्ट्रेचर पर अपने परिजनों के साथ पड़े हुए थे।
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जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों की बढ़ी थी परेशानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नीट पीजी काउंसिलिंग में देरी के विरोध में 27 नवंबर से हड़ताल कर रहे बीएचयू अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया है। वह शुक्रवार से काम पर लौट आएंगे। हड़ताल स्थगित होने से अब ओपीडी के साथ ही ऑपरेशन थिएटर, वार्ड में भर्ती मरीजों को बड़ी राहत होगी। डॉक्टरों का कहना है कि फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के फैसले पर ही हड़ताल स्थगित हुई है।

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जूनियर डॉक्टरों के काम न करने की वजह से कई मरीजों का ऑपरेशन भी टल गया था। इधर बृहस्पतिवार को भी दिन में इमरजेंसी, ओपीडी के साथ ही ऑपरेशन थिएटर में जूनियर डॉक्टरों के काम न करने की वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 

16 तक नहीं पूरी हुई मांग तो फिर हड़ताल
जूनियर डॉक्टरों ने बताया कि फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर ही हड़ताल स्थगित की गई है। इसमें एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री सहित अन्य अधिकारियों से बातचीत में 16 दिसंबर तक मांगों पर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया है। यदि इस तिथि तक मांगें नहीं मानी जाती है तो फिर हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे। 

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फार्मासिस्टों का दो घंटे कार्य बहिष्कार, मंडलीय अस्पताल में धरना 

वेतन विसंगति, पद सृजन सहित अन्य समस्याओं का समाधान न होने पर डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन की वाराणसी शाखा के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। इस दौरान उन्होंने दो घंटे तक कामकाज नहीं किया। चेतावनी दी कि 16 दिसंबर तक मांगें नहीं पूरी हुई तो पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार किया जाएगा। 

मंडलीय अस्पताल में धरने पर बैठे में एसोसिएशन के जिलामंत्री अभिजय श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार के सामने वेतन विसंगति, प्रभार भत्ता बढ़ाने, पद नाम परिवर्तित, पदों के सृजन के मानक में संशोधन को लेकर धरना, प्रदर्शन करने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके विरोध में ही अब आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया है।

कहा कि 16 दिसंबर तक हर दिन 2 घंटे कार्य बहिष्कार पर रहेंगे जिसमें पोस्टमार्टम एवं आकस्मिक सेवाएं जारी रहेगी। अगर मांग नहीं मानी गई तो 17 दिसंबर से 19 सितंबर तक पूर्ण कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे और 20 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य हो जाएंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। । 
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