आईएमएस के निदेशक प्रो. बीआर मित्तल ने जूनियर डॉक्टरों से अपील की है कि वह मरीजों से जुड़ी सेवाएं बाधित न करें और जरूरतमंदों की सेवा में काम पर लौट आए। कहा है कि सर सुंदरलाल चिकित्सालय और ट्रॉमा सेंटर देश की एक बड़ी आबादी की चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करता है, जिसमें रेजिडेंट डॉक्टरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
वेतन विसंगति, नियमितीकरण, ट्रांसफर नीति, बीमा पॉलिसी आदि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के विरोध में संविदा स्वास्थ्य कर्मी (चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ) शुक्रवार से कार्य बहिष्कार पर रहकर वाराणसी सीएमओ कार्यालय पर धरना देगे। अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर इमरजेंसी सेवा छोड़कर बाकी अन्य कामकाज नहीं करेंगे।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. अब्दुल जावेद, मंत्री डॉ. कुंवर अमित सिंह ने सीएमओ और जिलाधिकारी को ज्ञापन के माध्यम से जानकारी दे दी है। पदाधिकारियों ने बताया कि सभी प्रदेश मुख्यालयों पर होने वाले प्रदर्शन में अपनी बात प्रमुखता से रखेंगे।
वाराणसी जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात एएनएम इन दिनों मानदेय न मिलने से परेशान हैं। कई बार आवाज उठाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो बृहस्पतिवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचकर एएनएम ने प्रभारी सीएमओ को ज्ञापन देकर मानदेय दिलाने की मांग की। इस दौरान उनकी प्रभारी सीएमओ से नोकझोंक भी हुई।
एएनएम ने बताया कि कोरोना काल में जनवरी से टीकाकरण का काम किया जा रहा है। गाइडलाइन के अनुसार टीकाकरण के लिए जो प्रोत्साहन भत्ता मिलना चाहिए, वह भी नहीं मिला। यहीं नहीं हर महीने वेतन से 2300 रुपये कटने के बाद भी अब तक ईपीएफ अकाउंट नंबर नहीं मिल सका है। हालांकि, सीएमओ ने जल्द से जल्द उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जिसके बाद एएनएम कार्यालय से वापस लौट गईं।