जिस वार्ड में यह घटना हुई, वहां भर्ती मरीजों के तीमारदारों के अनुसार एक पंखा तो टूटकर गिर गया लेकिन अन्य जो पंखे लगे थे, उसमें से भी चलने के दौरान खट-खट की आवाज आती रही। इस वजह से न तो मरीज सो पाईं और न ही उनके साथ मौजूद परिजनों को नींद आई। सभी ने जागकर रात गुजारी।
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पंखे के गिरने की जानकारी तीमारदारों ने वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद पैरामेडिकल स्टाफ को दी तो उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी। लिहाजा सोमवार की सुबह पंखे को हटाया गया। इसके बाद वार्ड में भर्ती मरीजों को सामने वार्ड में शिफ्ट किया गया। इसके बाद वार्ड में ताला बंद करवा दिया गया।
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क्या बोले अधिकारी
गायनी वार्ड में पंखा गिरने की घटना की जानकारी मिली। कर्मचारियों को भेजकर महिलाओं को दूसरे वार्ड में सुरक्षित शिफ्ट करवाया गया। यह तो संयोग था कि किसी को कुछ नहीं हुआ। अस्पताल प्रशासन से लंबे समय से पुराने गायनी वार्ड में मरीजों को भर्ती करने की सुविधा की मांग की जा रही है। मरीजों की समस्या पर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। -प्रो. संगीता राय, विभागाध्यक्ष, स्त्री रोग विभाग