इस बीच सोमवार दोपहर नए कैथ लैब का ताला खुल गया। इसके साथ ही यहां अन्य तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। अब मंगलवार से यहां सामान्य दिनों की तरह एंजिोग्राफी, एंजियोप्लास्टी हो सकेगी।
बीएचयू हृदय रोग विभाग में बने कैथ लैब में वाराणसी के साथ ही गाजीपुर, बलिया, जौनपुर सहित आसपास के जिलों से हर दिन 15-20 मरीजों की एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी होती है। अस्पताल के तीसरे तल पर बने कैथ लैब की मशीन पिछले 15 दिन से खराब पड़ी है। इस वजह से अब तक 300 से अधिक लोगों को वापस करना पड़ा।
हालांकि हृदय रोग विभाग का एक कैथ लैब सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक के पांचवें तल पर बनकर तैयार था। इसका मार्च के तीसरे सप्ताह में उदघाटन भी हुआ लेकिन इसके बाद 24 मार्च से हीं यहां ताला बंद था। जो सोमवार को खुल गया।
प्रो. ओमशंकर ने कहा कि आखिरकार बीएचयू अस्पताल के एमएस को कैथ लैब कांपलेक्स का ताला खोलना ही पड़ा। यह मरीजों के जीवन जीने के मौलिक अधिकार की लड़ाई की जीत है। जब तक अस्पताल के कैथ लैब में नई मशीन नहीं आ जाती तब तक सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक के कैथ लैब में मरीजों की एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी होगी।