देवांश को इस बात की भनक तो उसने अपने रिश्ते का हवाला देकर विरोध किया। रोज-रोज की टोका-टाकी बीएचयू में पढ़ने वाली अनुष्का को नागवारी गुजरी और उसने देवांश को रास्ते से हटाने की साजिश रची। इसमें उसने नए नवेले प्रेमी राहुल से मदद मांगी। साजिश के तहत ही वह देवांश को फोन कर वाराणसी बुलाई। पुलिस को अनुष्का ने बताया कि 26 मई को वह कार लेकर अस्सी पुलिया के पास देवांश से मिली।
कार को राहुल का दोस्त सादाब आलम चला रहा था। कार से देवांश को चंदौली जिले के सिंघी ताली पुलिया के आगे ले जाया गया। सुनसान स्थान देख कर देवांश को कार से नीचे उतार कर राहुल और सादाब ने उसे पटक-पटक कर मारा। इसके बाद देवांश के गले और सीने पर पेचकस से ताबड़तोड़ कई वार किए। देवांश की मौत की पुष्टि होने पर लाश को वहीं छोड़कर लौट आए। अगली सुबह अनुष्का और राहुल बाहर चले गए।
फर्रुखाबाद जिले के मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र के कुइयावूट बाईपास निवासी शिक्षक रामकिशोर यादव का इकलौता बेटा देवांश यादव बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र था। बीते 25 मई को देवांश वाराणसी घूमने जाने की बात कहकर घर से निकला था। हालांकि वह बीएचयू में पढ़ने वाली अपनी प्रेमिका अनुष्का से मिलने आया था। 26 मई को देवांश ने अपने दोस्त श्रीवत्स को बताया था कि वह अस्सी क्षेत्र स्थित एक होटल में ठहरा है। इसके बाद देवांश का मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा। देवांश की खोजबीन करते हुए उसके मां-बाप वाराणसी आए और 29 मई को भेलूपुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई।
काफी खोजबीन के बाद भी देवांश का पता नहीं लगा तो देवांश के पिता रामकिशोर ने आठ जून को भेलूपुर थाने में अनुष्का और उसके पिता व चाचा के खिलाफ अपने बेटे के अपहरण और धमकाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया। सर्विलांस प्रभारी अंजनी पांडेय और अस्सी चौकी प्रभारी राजकुमार वर्मा का सर्विलांस और सीसी कैमरों की फुटेज की मदद से अनुष्का और राहुल पर शक गहराया। दोनों से पूछताछ शुरू हुई तो वारदात की गुत्थी परत दर परत सुलझती चली गई।