देश भर में सुर्खियां बनी इस घटना के पांच महीने शुक्रवार को पूरे हो जाएंगे।
- फोटो : अमर उजाला
पांच महीने पहले 21 सितंबर को बीएचयू परिसर में छात्रा से छेड़खानी और 23 सितंबर को धरना दे रही छात्राओं पर लाठीचार्ज की घटना ने अव्यवस्थाओं और उदासीनता को ही जाहिर नहीं किया था, कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी की विदाई का कारण भी यही घटनाएं बन गईं।
देश भर में सुर्खियां बनी इस घटना के पांच महीने शुक्रवार को पूरे हो जाएंगे। इन घटनाओं के हर पहलू की जांच के लिए कुल पांच अलग-अलग कमेटी बनाई गई थीं। पूरे मामले के तथ्यों की पड़ताल के लिए बीएचयू प्रशासन ने भी एक आंतरिक कमेटी बनाई थी।
चूंकि अब तक किसी भी कमेटी की जांच पूरी नहीं हुई है इसलिए दोषियों पर कार्रवाई का सवाल ही पैदा नहीं होता है। उधर, चार महीने पहले 26 नवंबर, 2017 को प्रो. त्रिपाठी का कुलपति का कार्यकाल भी खत्म हो गया है। उनके स्थान पर नया कुलपति भी नियुक्त नहीं हो सका है।
विश्वविद्यालय परिसर में 21 सितंबर की शाम को बीएफए की छात्रा के साथ छेड़खानी के विरोध में 22 सितंबर की सुबह से छात्राओं ने सिंह द्वार पर धरना दिया था। 40 घंटे तक धरने के बाद जब किसी अधिकारी ने सुध नहीं ली तो छात्राएं 23 सितंबर की रात 10 बजे कुलपति आवास के सामने धरने पर बैठ गई।
आरोप लगाया गया था यहां पहले प्रॉक्टोरियल बोर्ड के गार्डों ने लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद कैंपस का माहौल गरमा गया। आरोप है कि इसी बीच महिला महाविद्यालय गेट पर खड़ी छात्राओं पर लाठीचार्ज कर दिया गया, जिसमें आधा दर्जन छात्राएं जख्मी हुई थीं।
बीएचयू बवालः पांच जांच लेकिन सब बेनतीजा
23 सितंबर को छात्राओं पर किया गया था लाठीचार्ज
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महिला आयोग की जांच ही हुई
छात्राओं ने छेड़खानी और लाठीचार्ज की महिला आयोग में भी शिकायत की थी। तीन सदस्यों संग जांच करने पहुंची राष्ट्रीय महिला आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष रेखा शर्मा ने अधिकारियों के साथ ही छात्राओं का बयान दर्ज किया था। पूछे जाने पर कहा था कि रिपोर्ट मंत्रालय को दी जा चुकी है। फिर क्या हुआ, इस बारे में पता नहीं है।
न्यायिक जांच अब तक बेनतीजा
मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने न्यायिक जांच का फैसला लेते हुए हाईकोर्ट के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीके दीक्षित की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी का कार्यालय एलडी गेस्ट हाउस में खोला गया। जस्टिस दीक्षित खुद यहां दो बार आकर सुनवाई कर चुके हैं। अभी जांच पूरी नहीं हुई है।
क्राइम ब्रांच की जांच भी अधूरी
क्राइम ब्रांच की जांच भी अभी अधूरी ही है। पुलिस ने घटना के समय ही यहां मुख्य द्वार से लेकर छात्रावासों में सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए लेकिन जांच अभी तक निर्णायक मुकाम पर नहीं पहुंच पाई है। एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने बताया कि मामले में जांच चल रही है लेकिन वह इसका कारण नहीं बताते हैं।
अगले सप्ताह पूरी होगी मजिस्ट्रेटी जांच
मजिस्ट्रिेटी जांच के लिए नियुक्त एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय के मुताबिक जांच प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। अगले सप्ताह रिपोर्ट डीएम योगेश्वर राम मिश्र को सौंप देंगे। रिपोर्ट शासन को भी भेजी जाएगी। सूत्रों की मानें तो जांच रिपोर्ट में बीएचयू प्रशासन और बीएचयू के सुरक्षाकर्मियों को कटघरे में खड़ा किया गया है।
नए कुलपति के लिए सर्च कमेटी की बैठक 23-24 को
बीएचयू
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बीएचयू में नए कुलपति को लेकर चार महीने से चल रही अटकलों पर होली के बाद विराम लगने की संभावना है। सूत्रों की माने तो कुलपति पद के लिए गठित सर्च कमेटी ने फाइनल सूची में 13 नाम रखे हैं। अंतिम तीन नाम तय करने के लिए 23-24 फरवरी को बैठक होने वाली है।
बैठक के बाद तीनों नाम राष्ट्रपति के पास भेज दिए जाएंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जाने-माने अर्थशास्त्री प्रो. विजय केलकर की अध्यक्षता में सर्च कमेटी गठित की है। तीन बार कमेटी की बैठक भी हो चुकी है।