बीएचयू अस्पताल में इमरजेंसी, ट्रामा सेंटर, एमसीएच विंग में फर्जी इंटर्न से ड्यूटी कराने के मामले में डॉ. नितिन, डॉ. शुभम, डॉ. सौमिक डे और डॉ. कृति अरोड़ा पर मुकदमा दर्ज होने के साथ ही अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले की जांच कराई जा रही है।
बीएचयू अस्पताल में फर्जी इंटर्न से अपनी ड्यूटी कराने वाले चारों डॉक्टरों (एमबीबीएस इंटर्न) ने मंगलवार को दूसरी जांच समिति के सामने अपना पक्ष रखा। करीब ढाई घंटे से अधिक समय तक चली जांच की इस कार्यवाही में डॉक्टरों से उनके ऊपर लगे आरोपों से जुड़े कई सवाल किए गए। इस पर उन्होंने मौखिक तौर पर तो पक्ष रखा लेकिन जांच समिति के अध्यक्ष ने चारों डॉक्टरों से इस पूरे मामले में अपने पक्ष को लिखित रूप में बुधवार को देने को कहा है।
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बीएचयू अस्पताल में इमरजेंसी, ट्रामा सेंटर, एमसीएच विंग में फर्जी इंटर्न से ड्यूटी कराने के मामले में डॉ. नितिन, डॉ. शुभम, डॉ. सौमिक डे और डॉ. कृति अरोड़ा पर मुकदमा दर्ज होने के साथ ही अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले की जांच कराई जा रही है। प्रो. संजय गुप्ता की अध्यक्षता में बनी दूसरी समिति ने सोमवार को इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों को देखा और मंगलवार को चारों डॉक्टरों को एमएस ऑफिस में बने जांच समिति के कार्यालय में बुलाया गया। कैमरे की निगरानी में बारी-बारी से इस पूरे प्रकरण में सबने अपनी बात रखी।
परीक्षा की तैयारी का ही फिर बनाया बहाना
बीएचयू अस्पताल में फर्जी इंटर्न से ड्यूटी कराने वाले चारों डॉक्टरों ने जिस तरह पहली जांच समिति के सामने इस घटना को लेकर अपनी पीजी प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए समय न मिलने का बहाना बनाया था, उसी तरह मंगलवार को दूसरी समिति के सामने भी अपने ऊपर लगे आरोपों की सफाई में भी उन्होंने यही बहाना बनाया। सूत्रों की मानें तो समिति उनके इस पक्ष से सहमत नहीं दिखी। इसीलिए सभी से लिखित जवाब मांगा गया है। समिति के अध्यक्ष समेत अन्य सदस्य भी बड़ी बारीकी से मामले की जांच कर रहे हैं। इसी मामले में प्रो. संजीव गुप्ता वाली कमेटी चारों डॉक्टरों पर पहले ही कार्रवाई की संस्तुति कर चुकी है, जिस पर कुलपति को फैसला लेना है।