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बीएचयू : हृदय रोग विभाग में मशीनों की खरीद में घालमेल

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आईएमएस बीएचयू के हृदय रोग विभाग में जांच मशीनों की खरीदारी में घालमेल का मामला सामने आया है। पूर्व विभागाध्यक्ष के कार्यकाल में 2019 से 2021 तक खरीदी गई मशीनों के दाम को लेकर वित्तीय अनियमितता की शिकायत कुलपति, आईएमएस निदेशक, वित्त अधिकारी, केंद्रीय सतर्कता आयोग, लोकपाल से वर्तमान विभागाध्यक्ष प्रो. ओमशंकर ने की थी। बीएचयू प्रशासन ने मामले में आठ दिसंबर को चार सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है।
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प्रो. ओमशंकर ने 22 नवंबर 2021 को शिकायत में बताया कि विश्वविद्यालय में होने वाली किसी भी क्रय प्रक्रिया के लिए डिपार्टमेंटल परचेज कमेटी (डीपीसी) की सहमति जरूरी होती है। साथ ही नवंबर 2019 से जुलाई 2021 के बीच मशीन सहित अन्य सामानों की खरीदारी में क्रय नियमावली का उल्लंघन करने की शिकायत की। जेम पोर्टल से खरीदारी में भी नियमों की अनदेखी सहित अन्य आरोपों पर जांच करवाने की मांग की थी।
यह है शिकायत
टीएमटी मशीन 30 लाख में खरीदी गई जबकि इसकी कीमत 13.75 लाख है।
3.12 लाख वाली होल्टर मशीन 15 लाख में खरीदी गई।
सीरीज पंप 80 हजार रुपये में खरीदी गई जबकि वास्तविक कीमत 40 से 60 हजार है।
ईको कार्डियोग्राफी मशीन 1,86,40,000 में खरीदी गई। कंपनी ने पीजीआई चंडीगढ़ में 1,65,64,120 में यह मशीन दी है।
चार सदस्यीय कमेटी करेगी मामले की जांच
आईएमएस में असिस्टेंट रजिस्ट्रार (वित्त) की ओर से चार सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। इसमें माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रो. गोपालनाथ को चेयरमैन, पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट के प्रो. राजनीति प्रसाद, लॉ डिपार्टमेंट के प्रो. एके पांडेय को सदस्य और सर सुंदरलाल अस्पताल के डिप्टी रजिस्ट्रार एवी सिंह को सचिव बनाया गया है।
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मेरे विभागाध्यक्ष के कार्यकाल में जो भी खरीदारी हुई है, वह विश्वविद्यालय के नियमानुसार ही हुई है। सभी कार्य नियमानुसार कराए गए हैं। अगर किसी ने शिकायत की है तो बीएचयू प्रशासन जांच कराएगा।-प्रो. धर्मेंद्र जैन, पूर्व विभागाध्यक्ष, हृदय रोग विभाग
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