प्रोफेशनल कोर्स की फीस ट्रेडिशनल से 5 से 10 गुना ज्यादा हैं। कई कोर्स की फीस 65 हजार रुपये सालाना या इससे भी ज्यादा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्र प्रवेश नहीं ले पाते हैं। हालांकि कई प्राइवेट कॉलेजों में इससे ज्यादा फीस होने पर भी सीटें खाली नहीं रहती हैं। बीएचयू में बीवोक कोर्स संस्थापक समन्वयक प्रो. आरएस मिश्रा ने बताया कि बीवोक के छह कोर्स में पहले 1200 छात्र थे, अब उसके आधे छात्र भी नहीं आ रहे हैं। वोकेशनल कोर्स मिर्जापुर के बरकछा स्थित साउथ कैंपस में चलते हैं जो कि मेन कैंपस से करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर है। दूसरी वजह इन कोर्स में अवेयरनेस की कमी है।