देश में पहली बार बीएचयू के छात्र समूहों की 20 समस्याओं का समाधान होगा। इसके लिए लोकपाल सहित तीन बड़े अधिकारियों की कोआर्डिनेशन कमेटी बनी। मेस, परीक्षा, कनेक्टिविटी सहित कई मामलों पर कमेटी अनुशंसा करेगी।
बीएचयू में मेस, परीक्षा, वाहन संचालन, लाइटिंग, कनेक्टिविटी सहित 20 समस्याओं का सामूहिक समाधान होगा। ऐसा पहली बार है कि देश के किसी विश्वविद्यालय में छात्र समस्याओं को देख ऐसा कदम उठाया गया है। कोआर्डिनेशन कमेटी सीसीएसएम यानी कोआर्डिनेशन कमेटी ऑन स्टूडेंट मैटर्स गठित की गई है। कुलसचिव (शिक्षण) कार्यालय ने सोमवार को अधिसूचना जारी कर दी है।
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बताया गया है कि छात्रों का कोई समूह विश्वविद्यालय के संबंध में शिकायत रख सकता है। छात्र समूह सुरक्षा, खेल मैदान, नेटवर्क, कनेक्टिविटी, रखरखाव, स्वच्छता, लाइटिंग व्यवस्था, उद्यान, परिसर में वाहन संचालन, शैक्षणिक नियम, परीक्षा संबंधी मामले, छात्रावासों में मेस की व्यवस्था, पेयजल, उद्यानिकी और अनुशासन के मामलों पर अपनी बात कह सकता है। ऐसे मामलों के लिए एक सुव्यवस्थित सिस्टम की समिति होगी। समिति के अध्यक्ष लोकपाल प्रो. एसएम सिंह होंगे।
मनोविज्ञान विभाग के प्रो. राकेश पांडेय, बीएचयू के पूर्व चीफ प्रॉक्टर प्रो. एसपी सिंह और पूर्व छात्र अधिष्ठाता प्रो. एके नेमा सदस्य होंगे। समिति का कार्यकाल अधिसूचना की तिथि से एक साल का होगा, जिसे जरूरत पड़ने पर बढ़ाया जा सकेगा।
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छात्रों-कार्यालयों के बीच होगा समन्वयन
समिति के गठन पर कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि परिसर में बेहतर संवाद कायम किया जाएगा। छात्रों और विश्वविद्यालय के कई कार्यालयों के बीच बेहतर समन्वय बनाएगी। इस समिति का उद्देश्य यह भी सुनिश्चित करना है कि छात्रों की हर बात ध्यान से सुनी जाए और हर समस्या का समाधान आपसी बातचीत, विश्वास और सहयोग से निकले।
सभी पक्षों के बीच तथ्यात्मक त्रुटियों को करेंगे दूर
समिति संबंधित छात्र समूह से खुला और सार्थक संवाद कर उनकी चिंताओं, मांगों और धारणाओं को समझेगी। इसके बाद वह संबंधित कार्यालयों, विभागों, संकायों और संस्थानों से संवाद कर उनका पक्ष जानेगी। सभी पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर तथ्यात्मक त्रुटियों, सूचनाओं की कमियों और प्रक्रिया या वर्तमान स्थिति के प्रति जागरूकता के अभाव को दूर किया जाएगा। जहां जरूरत पड़ेगी, समिति विश्वविद्यालय के कई अंगों के बीच मध्यस्थता भी करेगी।
कार्यप्रणाली में सुधारों के लिए अनुशंसा करेगी समिति
समिति छात्रों के दृष्टिकोण से विश्वविद्यालय की इकाइयों की कार्यप्रणाली में सुधारों के लिए अनुशंसा करेगी। समस्याओं के समाधान में शिक्षकों, शोध पर्यवेक्षकों, वार्डन, प्रॉक्टोरियल बोर्ड, विभागाध्यक्षों और संकाय प्रमुखों का सहयोग लिया जाएगा। समिति के सदस्य व्यक्तिगत और सामूहिक, दोनों रूपों में कार्य करेंगे। जरूरत पड़ी तो समिति अपनी अनुशंसा कुलपति को प्रस्तुत करेगी। इस काम में विश्वविद्यालय के सभी अंगों से अपेक्षा की गई है कि वे समिति को पूरा सहयोग प्रदान करें।