सेंटर पर 130 बायोमैट्रिक डिवाइस से कर्मचारियों की हाजिरी ली जाती है व 20 कचरा घरों की 433 कैमरे से 174 जगहों पर भी नजर रखी जाती है। उन्होंने बताया कि 202 जीपीएस युक्त कूड़ा गाड़ियों को ट्रैक किया जाता है। 902 वॉल्यूम सेंसर और अन्य स्रोतों से शहर से उठने वाले कचरा की मात्रा का पता चलता है। जो करीब 700 टन रोजाना है।
कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद मिला है यह अवॉर्ड
नगर आयुक्त व स्मार्ट सिटी सीईओ प्रणय सिंह ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि ये जीत काशीवासियों की है। जनसंपर्क अधिकारी शाकंभरी नंदन सोंथालिया ने बताया कि वाराणसी स्मार्ट सिटी को कचरा प्रबंधन के लिए बेस्ट सॉलिड वेस्ट प्रैक्टिसेस के अवॉर्ड के लिए चुना गया है। यह सम्मान देश भर के 100 स्मार्ट सिटी में से वाराणसी को कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद मिला है।
इसके पहले भी वाराणसी स्मार्ट सिटी को कई अवॉर्ड और पुरस्कार मिल चुके हैं, जिसमे प्रमुख है कोरोना काल में श्रेष्ठ कार्य करने के लिए कोविड इनोवेशन अवॉर्ड।