यूपी बैंक एंप्लाइज यूनियन (यूपीबीईयू) और यूएफबीयू वाराणसी इकाई के सदस्यों ने हाथों में मांगपत्र और तख्तियां लेकर बाइक जुलूस निकाला। कर्मियों ने सबसे पहले पंजाब नेशनल बैंक के मंडल कार्यालय पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक के अंचल कार्यालयों पर नारेबाजी की गई।
दोपहर में नदेसर स्थित इंडियन बैंक के अंचल कार्यालय पर करीब 100 कर्मचारियों ने एकसाथ विरोध प्रदर्शन किया। कचहरी स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर लगभग 500 बैंक कर्मियों ने चार घंटे से अधिक समय तक धरना देकर अपनी आवाज बुलंद की।
वाराणसी में 800 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित।
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धरना स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए यूएफबीयू के संयोजक व यूपीबीईयू के मंत्री संजय कुमार शर्मा, अध्यक्ष राम बिशुन चौबे, एसबीआई के विनोद सिंह, यूनियन बैंक के महामंत्री कौशलेंद्र सिंह और केनरा बैंक के सुधीर सिंह ने कहा कि 2015 में हर माह के दूसरे व चौथे शनिवार को अवकाश दिया गया था और शेष शनिवार को अवकाश घोषित करने का आश्वासन मिला था।
मार्च 2024 के वेतन समझौते में आईबीए ने प्रतिदिन 40 मिनट कार्य समय बढ़ाकर सभी शनिवार को अवकाश देने पर सहमति जताई थी, लेकिन यह प्रस्ताव पिछले दो वर्षों से अधिक समय से वित्त मंत्रालय की मंजूरी के इंतजार में अटका है। सभा में प्रमुख रूप से प्रमोद द्विवेदी, संजय सिंह, शीतला दुबे, आशीष श्रीवास्तव, जितेंद्र सोनकर आदि मौजूद रहे।
मांगे पूरी न हुई तो 27 व 28 को दोबारा होगी हड़ताल
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जब आरबीआई, एलआईसी, केंद्र व राज्य सरकारों और निजी क्षेत्र में पांच-दिवसीय सप्ताह लागू है तो बैंकों में गंभीर स्टाफ कमी और अत्यधिक तनाव के बीच काम कर रहे कर्मियों को वर्क-लाइफ बैलेंस से वंचित रखना अनुचित है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगें जल्द नहीं मानीं तो 27 व 28 सितंबर को दो दिवसीय बैंक हड़ताल और उसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।