हड़ताली बैंककर्मियों ने सबसे पहले यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय साउथ पर प्रदर्शन किया। इसके बाद कर्मचारी नरौली स्थित यूनियन बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय नॉर्थ पहुंचे और जोरदार नारेबाजी की।
शहर में मोटरसाइकिल जुलूस भी निकाला। जुलूस भारतीय स्टेट बैंक की रैदोपुर मुख्य शाखा पहुंचा, जहां प्रदर्शन के बाद सभा हुई। इसमें यूनियनों के नेताओं ने केंद्र सरकार और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) पर बैंक कर्मचारियों की लंबित मांगों को लगातार टालने का आरोप लगाया।
विष्णु गुप्ता ने पांच दिवसीय बैंकिंग को कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग बताते हुए कहा कि मार्च 2024 में भारतीय बैंक संघ और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच हुए समझौते में इस पर सहमति बन चुकी है।
जब पांच दिवसीय बैंकिंग पर समझौता हो चुका है तो अब किस बात का विचार किया जा रहा है। सरकार और बैंक प्रबंधन को अब फैसला लेने की नहीं, बल्कि समझौते को लागू करने की जरूरत है। मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो 26, 27 और 28 सितंबर को तीन दिन की हड़ताल की जाएगी और इसके बाद अक्टूबर में अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव विकास त्रिपाठी ने कहा कि उनकी न्यायोचित मांगों की अनदेखी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। समान पीएलआई (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) भुगतान सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है।
स्टेट बैंक के नेता अमित सिंह ने कहा कि बैंकों में कर्मचारी और सब-स्टाफ की संख्या लगातार घट रही है, जबकि बैंकिंग का काम लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में बैंकों में पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों और सब-स्टाफ की भर्ती की जाए।
यूनियन बैंक के नेता रिजवान अहमद ने कहा कि स्टाफ की कमी का सीधा असर ग्राहकों को मिलने वाली बैंकिंग सेवाओं पर पड़ रहा है। हड़ताल में योगेंद्र यादव, दुर्गेश, सरफराज अहमद, एलके सिंह, राजर्षि देव सिंह आदि मौजूद रहे।
अतरौलिया : पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने और समान पीएलआई भुगतान समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को सभी बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। इसका व्यापक असर रहा और सभी शाखाओं में कामकाज ठप रहा। शाखाओं के मुख्य द्वार पर ताले लटके रहे। बैंकों में शनिवार व रविवार को छुट्टी होने की स्थिति में लगातार कई दिन बैंक सेवा बाधित रहने से खाताधारक मायूस दिखे।