बनारसी साड़ी की कला हर किसी के दिल को छू जाती है। मिस एशिया टूरिज्म यूनिवर्स 2018 तान्या मित्तल ने मच्छरहट्टा वार्ड स्थित आदर्श सिल्क बुनकर सहकारी समिति लिमिटेड पहुंची यहां के बुनकरों से साड़ी बनाने की कला सीखी और इसके साथ ही बनारसी साड़ी की खरीददारी भी की। इस दौरान साड़ी की बनावट की सराहना करती नजर आई।
खबर वाराणसी के रामनगर से है। मिस एशिया टूरिज्म यूनिवर्स 2018 तान्या मित्तल बृहस्पतिवार को नगर के मच्छरहट्टा वार्ड स्थित आदर्श सिल्क बुनकर सहकारी समिति लिमिटेड पहुंची।यहां बनने वाली बनारसी साड़ी की बारिकियों को जाना।मजदूरों द्वारा हथकरघा पर साड़ी बनाने की कला की कलाकारी के बारे में समिति की पदाधिकारी मोनिका मौर्या ने जानकारी दी।
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इस दौरान तान्या ने साड़ी की खरीददारी भी की। समिति के निदेशक नीलेश मौर्या नीलू ने बताया कि तान्या ने जंगला बूटीदार बनारसी साड़ी के अलावा अन्य बनारसी साड़ियों की खरीददारी की है।बताते चलें कि तान्या मित्तल मध्यप्रदेश के ग्वालियर की रहने वाली है। 2018 में लेबनान में आयोजित प्रतियोगिता में उसने यह खिताब हासिल किया था।
तान्या ने कहा कि शुरू से मेरी सोच थी कि देश के लिए कुछ खास करना है।हमारे देश का झंडा पूरे देश में फहरे,इसी सोच को आगे बढ़ाने में जुटी हूं। कहा कि भारत में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।बनारसी साड़ी की बात करें तो जो बनारसी साड़ी यहां मिलती है ऐसी साड़ी कहीं और नहीं मिल पाती है।
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कहा कि इस समिति की जानकारी बुनकर सेवा केंद्र चौकाघाट से हुई।साड़ियों को बनाने में काफी परिश्रम करना होता है तब कहीं जाकर एक बेहतरीन बनारसी साड़ी बनती हैं।इस मौके पर विजय मोर्या सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।