इधर, हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव ने बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को लिखी चिट्ठी लिख कर कहा है कि ज्ञानवापी मामले पर पूरे देश की निगाहें हैं। इस मामले की सुनवाई में शामिल होने छूट देने की मांग की है। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के अधिवक्ता अभयनाथ यादव ने कहा आज वकीलों की हड़ताल है। हम बनारस बार एसोसिएशन के साथ हैं। ऐसे में ज्ञानवापी मामले में आज आपत्ति नहीं दाखिल करेंगे। जब कोर्ट अगली तारीख तय करेगी तब आपत्ति करेंगे। अभी अदालत ने तारीख नहीं दी है। इधर, डीजीसी सिविल के मुताबिक दो बजे मामले की सुनवाई का समय है। अगर तीनों पक्ष मौजूद रहेंगे तभी तय हो पाएगा कि आज सुनवाई होगी या नहीं।
याचिका दाखिल करने वाली महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
वादी पक्ष की रेखा पाठक, मंजू व्यास, सीता साहू की ओर से मंगलवार को न्यायालय में आवेदन दिया गया कि शिवलिंग की जगह पर दर्शन-पूजन के साथ ही वजू स्थल पर मिले शिवलिंग के नीचे और नंदी महराज के सामने तहखाने के उत्तरी और पूरब की चुनी हुई दीवारों को तोड़कर सर्वे करवाया जाए। परिसर में कई स्थानों पर रखे बांस, बल्ली, ईंट व बालू का मलबा हटवाकर भी सर्वे करवाने की मांग की गई है।
वादी पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि मंगलवार को कोर्ट ने अधिवक्ता आयुक्त अजय कुमार मिश्रा को उनके पद से हटाया। इसका कारण ये है कि उन्होंने प्राइवेट कैमरामैन हायर किया था और सर्वे की सारे बातें लीक की। हमने कोर्ट में आवेदन दिया कि हमें वजू खाने के नीचे जो दीवार उसे तोड़कर जाने की इजाजत दी जाए।