दो वर्ष पहले पंचक्रोशी परिक्रमा और मार्ग को नया स्वरुप देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मणिकर्णिका घाट से संकल्प लेकर यात्रा की थी। इसके बाद उन्होंने मंदिर, मार्ग और धर्मशालाओं में श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए 100 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की थी।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने शहरी क्षेत्र की धर्मशालाओं की निगरानी नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्र के धर्मशाला सदर तहसील की देखरेख में दिया था।
सभी धर्मशालाओं में लगाया गया ताला
रामेश्वर की एक धर्मशाला के बैनामे के बाद अब सभी धर्मशालाओं पर प्रशासन कब्जा लेने की तैयारी में है। इसके लिए सभी धर्मशालाओं में ताला बंद कर उनकी चाबी तहसील में जमा कराई जा रही है। हालांकि कब्जा जमाए लोगों प्रशासन के इस अभियान में आड़े आ रहे हैं। ऐसे में धर्मशालाओं से कब्जा हटाना भी बड़ी चुनौती बनी है।
शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग की आधे से ज्यादा धर्मशालाओं पर निजी व्यक्तियों के कब्जे की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसमें शासन के संज्ञान में लाने के बाद बड़े पैमाने पर अभियान चलाने की तैयारी है।
एक धर्मशाला पर बैनामे की सूचना मिली है और हम दस्तावेजों की जांच करा रहा हैं। इसमें संलिप्त लोगों की जानकारी की जा रही है। तहसील से कागजात जुटाने के बाद इस मामले में कार्रवाई होगी।
दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त