बाढ़ के कारण होने वाली कटान (प्रतीकात्मक तस्वीर)।
- फोटो : अमर उजाला
गंगापूजन के बाद नारियल फोड़कर कार्य का शुभारंभ किया जाएगा। ड्रेजिंग के लिये एक मशीन प्रभावित क्षेत्र के चौबेछपरा गंगा घाट पर तथा प्रयोग में आने वाले मोटे पाईप आदि गंगापुर घाट पर पहुंच चुके हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि शुक्त्रस्वार सुबह तक छह और मशीनें कार्य स्थल पर पहुंच जाएंगी।
उम्मीद लगायी जा रही है कि इस विधि से बचाव कार्य के बाद कटान स्थलों पर नदी की धारा का दबाव काफी कम हो जाएगा और कटान पर अंकुश लग जाएगा। इसके बाद फिर किसी गांव पर कटान का खतरा हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा।
ज्ञात हो कि बीते वर्ष नदी ने कटान के रूप में सदर तहसील के बनिया व सुनार टोला व बैरिया तहसील के केहरपुर, गोपालपुर, दूबेछपरा, उदयीछपरा, गंगापार के नौरंगा में भारी तबाही मची थी। इसमें दो तटबंधों के अधिकांश भाग के साथ ही सैकड़ों मकान नदी में समाहित हो गए थे।
आपदा के वक्त निरीक्षण को पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नदी की धारा मोड़ने की बात करते हुए नयी विधि से बचाव कार्य कराने पर बल दिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विभाग की विभिन्न परियोजनाओं पर शासन ने एक अरब से अधिक धन स्वीकृत किया है।